जानकारी . नये घर में रहने से पहले नप से लेना होगा अधिभोग प्रमाण पत्र
नगर परिषद ने बिजली विभाग और पीएचइडी विभाग को पहले ही सूचना देकर कहा है िक िबना अधिभोग प्रमाण पत्र की फोटोकॉपी लिए नवनिर्मित भवन मालिकों को बिजली व पानी का कन्केशन नहीं दें.
अररिया : नगर परिषद क्षेत्र में नव निर्मित भवनों में बिना अधिभोग प्रमाण पत्र के भवन मालिक अब अपने घर का उपयोग नहीं कर सकेंगे. इसके अलावा यदि बिजली विभाग भवन मालिक के द्वारा अधिभोग प्रमाण पत्र की छायाप्रति दिये बगैर कनेक्शन देता है तो यह अपराध की श्रेणी में आयेगा. यह जानकारी नप के कार्यपालक पदाधिकारी भवेश कुमार ने दी. उन्होंने बिहार उपविधि 2014 की कंडिका 16(5) का हवाला देते हुए कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि अधिभोग प्रमाण पत्र की छायाप्रति लिये बगैर भवन मालिकों को बिजली,
गैस, पानी आदि का कनेक्शन संबंधित विभाग नहीं दे सकती है. ऐसा होता है तो वर्ष 2014 के बाद बनाये गये भवन मालिकों द्वारा अपने घर के उपयोग करने से पहले नगर परिषद से अधिभोग प्रमाण लेना अनिवार्य होगा. नहीं तो भवन निर्माण के लिए बनाये गये नक्शा की स्वीकृति स्वत: रद्द हो जायेगा.
साथ ही अगर अधिभोग प्रमाण पत्र को देखे बगैर अगर कोई भी विभाग किसी व्यक्ति को कनेक्शन प्रदान करता है तो वह गलत माना जायेगा.
क्या है अधिभोग प्रमाण पत्र
नियम का उल्लंघन अपराध माना जायेगा
बिहार उपविधि 2014 की कंडिका 16(5) के अनुसार ऐसे अधिभोग, विकास प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किये जाने पर विद्युत, जलापूर्ति, जल निकास और मल निकास से संबंधित विभाग, लाइन एजेंसी भवन मालिक के कनेक्शन आवेदन को अस्वीकृत कर उससे नप द्वारा निर्गत किये गये अधिभोग प्रमाण पत्र प्राप्त कर ही कनेक्शन प्रदान करेगा. इस संबंध में विभाग द्वारा कोई भी उल्लंघन बिहार नगरपालिका अधिनियम 2007 और अधिनियम के अधीन अपराध माना जायेगा.
लेकिन निर्माण के प्रयोजनार्थ जलापूर्ति और विद्युत का सीमित कनेक्शन भवन के अनुमोदन के पश्चात दिया जा सकता है. अधिभोग प्रमाण पत्र लेने का मुख्य मकसद यह भी है कि शहरवासी जिस भवन में रह रहे हैं वह रहने के लिए सुरक्षित है भी या नहीं. नप द्वारा पास कराये गये नक्शा के अनुरूप उस भवन का निर्माण हुआ है कि नहीं. इन सभी बिंदुओं की जांच करने के बाद ही नप भवन मालिकों को अधिभोग प्रमाण पत्र निर्गत करता है.
प्रमाण पत्र के बिना नहीं दें बिजली कनेक्शन : इओ
कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा पत्रांक 2154 दिनांक तीन नवंबर द्वारा इस आशय की सूचना कार्यपालक अभियंता विद्युत विभाग को दी जा चुकी है. कार्यालय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अब तक नप कार्यालय से किसी भी भवन मालिक द्वारा अधिभोग प्रमाण पत्र की मांग नहीं की गयी है. फिर भी सभी भवनों में अनवरत रूप से विद्युत विभाग द्वारा नियमों की अवहेलना करते हुए कनेक्शन दिया जा रहा है,
जिसमें एक ओर नप को राजस्व की हानि हो रही है तो दूसरी ओर बिहार भवन उपविधि के प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है. ऐसा ही एक पत्र पीएचइडी विभाग को भी नप द्वारा भेजा गया है. हालांकि वर्ष 2014 के इस नियम के लागू होने के बाद लगभग एक सौ नक्शा नगर परिषद द्वारा निर्गत किया गया है.
अगर संबंधित भवन मालिक नगर परिषद कार्यालय से अधिभोग प्रमाण पत्र प्राप्त किये बगैर घर का उपयोग कर रहे हैं तो उनके लिए परेशानी का सबब बन सकता है.
नहीं लिया प्रमाण पत्र, तो नप द्वारा पारित नक्शा होगा स्वत: रद्द, सुरक्षित घर के लिए भी जरूरी है अधिभोग प्रमाण पत्र
दस माह पूर्व ही दी गयी थी पीएचइडी व विद्युत विभाग को इसकी सूचना
अधिभोग प्रमाण पत्र लिये जाने के बाद ही नये भवन में होगा विद्युत कनेक्शन
