पासपोर्ट कार्यालय पटना से जन्म प्रमाण पत्र को सत्यापित करने के लिए अररिया नगर परिषद पत्र भेजा गया था. नगर परिषद ने जब मामले की जांच की, तो कई प्रमाण पत्र फर्जी पाये गये. प्रमाण पत्र के नकल से लगता है कि पासपोर्ट बनाने वाले फर्जी गिरोह को अररिया नगर परिषद कार्यालय के बारे में पूरी जानकारी है.
मृगेंद्र मणी
अररिया : फर्जी पासपोर्ट बनाने के धंधे में सीमांचल में एक संगठित गिरोह सक्रिय होने की बात सामने आ रही है. मामले का खुलासा तब हुआ जब क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय डाक बंगला रोड, मौर्या लोक पटना से आवेदकों द्वारा पासपोर्ट में लगाये गये जन्म प्रमाण पत्र को सत्यापित करने के लिए नगर परिषद अररिया को भेजा गया.
पासपोर्ट कार्यालय द्वारा भेजे गये जन्म प्रमाण पत्र की बारीकी से जांच करने के बाद नप कार्यालय को फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाये जाने का मामला संज्ञान में आया है. कार्यपालक पदाधिकारी की माने तो पासपोर्ट आवेदन के साथ संलग्न जन्म प्रमाण पत्र के बीस से ज्यादा ऐसे मामले सामने आये हैं जो कि पूर्ण रूप से फर्जी हैं. उन्होंने बताया कि इस मामले में जांच कराने को लेकर उनके द्वारा पुलिस अधीक्षक को पत्र भी भेजा गया है. नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में हो रहे इस प्रकार के गोरखधंधे को रोका जाना आवश्यक है. हालात बता रहे हैं कि अगर जन्म प्रमाण पत्र के नाम पर फर्जी दावेदारों को बेनकाब कर उन पर कार्रवाई नहीं की गयी तो आगे चल कर किसी बड़ी घटना का कारण बन सकता है.
मिले फर्जी प्रमाण पत्र
पासपोर्ट बनाने के लिए लगाये जन्म प्रमाण पत्र के आवदेन में आवेदकों द्वारा जन्म प्रमाण पत्र में दिखाया गया पता भी संशय में डालने वाला है. आवेदकों में मो जाबिर पिता मोहिउद्दीन ग्राम रघुनाथपुर थाना भरगामा, अब्दुल मजीद पिता मो हसन बाबुआन ग्राम बसमतिया थाना घुरना, अब्दुल वदूद पिता मो सलाम, अब्दुल वाजिद पिता अब्दुल कुद्दुस ग्राम शेख टोला रजोखर थाना अररिया आरएस, मो राशिद पिता जमीलउद्दीन ग्राम फुलबस्ती थाना रानीगंज, मो शमशाद आलम पिता मो सिराजुल हक ग्राम फुलसरा थाना पलासी, मो रिजवान पिता मो नैयर ग्राम सफीपुर थाना अररिया आदि शामिल हैं. इनके द्वारा स्थायी पता में सिर्फ अररिया दिखाया गया है, जबकि जन्म प्रमाण पत्र नगर परिषद का है.
फारबिसगंज में दर्ज है पासपोर्ट फर्जीवाड़ा का मामला
फर्जी पासपोर्ट बनाने का ऐसा मामला पहला नहीं है इससे पूर्व भी ऐसे मामले घटित हो चुका है. 15 अप्रैल 2015 को फारबिसगंज थाना में दर्ज कांड संख्या 120/15 के अनुसार चौरा परवाहा निवासी मो मोजेबुल के नाम पर कोलकाता संदेशपुर निवासी रहीम द्वारा फर्जी पासपोर्ट बनाया गया था. हालांकि पासपोर्ट जब मोजेबुल के पास पहुंचा तो वह सतर्क हो गया. उसकी तत्परता के बाद परत दर परत राज खुला. इस मामले में चार लोगों को अभियुक्त बनाया गया था. इसमें मो अकबर तथा पासपोर्ट के लिए गवाही देने वाला मो समीर व मो शहाबुद्दीन सभी चौरा परवाहा निवासी के अलावा जालसाजी करने वाला मो रहीम भी शामिल है.
