सूचना के अधिकार के तहत मांगे गये दस्तावेज के अाधार पर एलइटी लाइट के कोटेशन को अाधार पर आरोप लगाया गया है.
अररिया : नगर परिषद द्वारा नप क्षेत्र में लगाये गये 1200 एलइडी लाइट की खरीद में बाजार मूल्य से अधिक राशि पर खरीदने का मामला सामने आया है. इसका खुलासा डीएम को दिये गये एक आवेदन से हुआ है. मामले में एक करोड़ 40 लाख रुपये के घालमेल की संभावना जाहिर की गयी है.
आवेदनकर्ता अररिया आरएस वार्ड संख्या चार निवासी गोपाल अग्रवाल ने इस मामले में सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगे गये दस्तावेज व बाजार में मिल रहे एलइडी लाइट के कोटेशन को आधार पर आरोप लगाया है. इस मामले की गहन जांच कराने की मांग डीएम से की है. आरटीआइ के तहत मांगी गयी सूचना के अनुसार नगर परिषद ने नप क्षेत्र में दो करोड़ एक लाख 71 हजार तीन सौ पचास रुपये की लागत से 1200 एलइडी लाइट लगाया है.
अगर आवेदनकर्ता की बात सच निकलती है तो एलइडी लाइट की खरीद में दोगुनी राशि व्यय किये जाने का मामला सामने दिखता है. इसे श्री अग्रवाल एक बड़ा गबन मान रहे हैं.
नप ने लगाये हैं सिमोको व सियस्का कंपनी का एलइडी लाइट
नगर परिषद ने सिमको कंपनी के 40 वॉट के 800 पीस एलइडी लाइट की खरीद 14590 रुपये की दर से करते हुए इसके लिए एक करोड़ 51 हजार 350 रुपये का भुगतान किया है, जबकि सियस्का कंपनी के 60 वॉट के 400 पीस एलइडी लाइट की खरीद 21,884 व 22,291 रुपये की दर से करते हुए एक करोड़ एक लाख बीस हजार रुपये का भुगतान किया गया है.
कुल 1200 एलइडी लाइट के लिए दो करोड़ एक लाख 71 हजार तीन सौ पचास का भुगतान संबंधित एजेंसी को नप द्वारा किया गया है.
एलइडी लाइट के लिए बाजार भाव पर मंगाये गये कोटेशन के बाद भुगतान किये गये दरों में दोगुणा अंतर देखने का मिल रहा है. एमेजोन पर सिमोको कंपनी के 40 वाट के स्ट्रीट लाइट 5389 रुपये पर जबकि सियस्का कंपनी के 60 वॉट का एलइडी लाइट 6500 रुपये में उपलब्ध है. आवेदनकर्ता की मानें तो आखिर किस परिस्थिति में 40 वाट एलइडी लाईट की खरीद 14 हजार में की गयी जबकि यह लाईट बाजार में 5389 रुपये में उपलब्ध है.
60 वाट के एलइडी लाइट के लिए 21884 व 22 हजार रुपये का भुगतान किया गया, जबकि बाजार में इसी ब्रांड का एलइडी लाईट 65 सौ रुपये में उपलब्ध है. आवदेनकर्ता ने डीएम को खरीद की प्रक्रिया पर जांच बैठाये जाने और खरीद की हुई लाईट की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग करते हुए लाईट का संबंधित कंपनी का नहीं होने पर भी संदेह जाहिर किया गया है.
लाइट की खरीद में हुआ है िनयमों का पालन
एलइडी लाइट की खरीद जिला पदाधिकारी के संज्ञान में की गयी है. साथ ही खरीद में निविदा के नियमों का भी पालन किया गया है. अगर एक ही कंपनी में दरों का अंतर है तो ऐसा मॉडल में अंतर के कारण भी हो सकता है.
भवेश कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी
