जेल विजिटिंग अधिवक्ता की पहल पर बंद आरोपी की हुई रिहाई

अररिया : व्यवहार न्यायालय अररिया के द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह उप्पाद के विशेष न्यायधीश रमण कुमार ने मंगलवार को स्वेच्छा से अपना दोष स्वीकार करने का मामला प्रमाणित होने पर बौंसी फरकिया के रहने वाले 28 वर्षीय प्रेम लाल मरांडी को तीन माह सश्रम कारावास अथवा 50 हजार रुपये जुर्माना जमा करने […]

अररिया : व्यवहार न्यायालय अररिया के द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह उप्पाद के विशेष न्यायधीश रमण कुमार ने मंगलवार को स्वेच्छा से अपना दोष स्वीकार करने का मामला प्रमाणित होने पर बौंसी फरकिया के रहने वाले 28 वर्षीय प्रेम लाल मरांडी को तीन माह सश्रम कारावास अथवा 50 हजार रुपये जुर्माना जमा करने का आदेश जारी किया है.

यह आदेश बौंसी थाना कांड संख्या 124/19 स्पेशल केस 1239/19 में पारित किया गया है. सरकार की ओर से उत्पाद के स्पेशल पीपी रामानंद मंडल ने बताया कि 17 सितंबर को शराब की नशे में बौंसी पुलिस द्वारा अभियुक्त प्रेम लाल मरांडी को गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद न्यायिक हिरासत में उसे 17 सितंबर 2019 को जेल भेजा गया था.
अभिुयक्त के परिजनो के द्वारा अभियुक्त की जमानत के लिए अधिवक्ता नौशाद आलम के माध्यम से 18 अक्तूबर को न्यायालय में जमानत आवेदन दाखिल भी करवाया गया था. जिसमें अभियुक्त को जमानत भी मिली थी. परंतु गरीबी के कारण अभियुक्त के परिजन कोर्ट में बेलर बगैरह दे पाने में असमर्थ हो गये. जिस कारण अभियुक्त जमानत मिलने के बाद भी जेल में बंद रहे.
इधर कोर्ट कर प्रक्रिया चलती रही व अभियुक्त की पेशी प्रत्येक तिथि में वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिये होती रही. इस बीच कोर्ट में पुलिस द्वारा चार्जशीट जमा करने पर 17 दिसंबर 2019 को अभियुक्त के विरुद्ध न्यायालय द्वारा संज्ञान भी ले लिया गया व अभियुक्त प्रेम लाल मरांडी पूर्व की तरह वीडियो कॉफ्रेसिंग के जरिये कोर्ट में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाते रहे.
पहली जनवरी 20 को मंडल कारा अररिया में संचालित लीगल एड क्लीनिक का विजिट के क्रम में जेल विजिटिंग अधिवक्ता विनीत प्रकाश को अपनी बापबीती सुनाते हुए रोने लगा तो मामले को गंभीरता से लेते हुए जेल विजिटिंग अधिवक्ता विनीत प्रकाश ने एक आवेदन लिखा व अधीक्षक सत्येन कुमार के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव संजीव कुमार के सामने प्रस्तुत किया. जहां त्वरित कार्रवाई करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव संजीव कुमार ने रिटेनर अधिवक्ता कुमारी वीणा को अगली कार्रवाई करने का आदेश जारी किया.
रिटेनर अधिवक्ता कुमारी वीणा के पहल पर 07 जनवरी को एडीजे-2 सह उत्पाद के स्पेशल जज रमण कुमार के द्वारा अभियुक्त प्रेम लाल मरांडी को कोर्ट में उपस्थित रहने के लिए आवेदन भेजा व 07 जनवरी को अभियुक्त प्रेम लाल मरांडी न्यायलय में उपस्थित होकर न्यायाधीश के मसक्ष स्वेच्छा से अपना दोष स्वीकार किया. चुंकि बीते तीन माह से अभियुक्त प्रेम लाल मरांडी जेल में बंद थे. इसलिए अपने आदेश में एडीजे-2 सह उत्पाद के स्पेशल जज रमण कुमार की अदालत ने लिखा कि अभियुक्त 3 माह से जेल में बंद है.
अत: दी गयी सजा के तहत कारा में बितायी गयी अवधि को समायोजित करते हुए रिहा करने का आदेश जारी किया है. वहीं बंदी के हक में त्वरित कार्रवाई करने की बात को लेकर न्यायाधीश श्री रमण कुमार ने मंडल कारा अररिया में संचालित लीगल एड क्लीनिक का विजिट के क्रम में जेल विजिटिंग अधिवक्ता विनीत प्रकाश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव संजीव कुमार की सराहना की.

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