बैठक से गैरहाजिर अधिकारियों का एक दिन का कटेगा वेतन
अररिया : जिले में जल जीवन हरियाली योजना के सफल क्रियान्वयन को लेकर गठित जिलास्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक सोमवार को डीआरडीए सभागार में हुई. पूर्व नियोजित बैठक में सभी विधायक, विभिन्न विभाग के आला अधिकारी व कर्मियों को आमंत्रित किया गया था. निर्धारित समय पर जिलाधिकारी बैठक में पहुंच चुके थे. लेकिन अधिकारियों को […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
अररिया : जिले में जल जीवन हरियाली योजना के सफल क्रियान्वयन को लेकर गठित जिलास्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठक सोमवार को डीआरडीए सभागार में हुई. पूर्व नियोजित बैठक में सभी विधायक, विभिन्न विभाग के आला अधिकारी व कर्मियों को आमंत्रित किया गया था. निर्धारित समय पर जिलाधिकारी बैठक में पहुंच चुके थे.
लेकिन अधिकारियों को कोई पता नहीं था. बैठक के अंत तक स्थिति ऐसी ही बनी रही. दूरभाष पर दोबारा सूचना के बाद गिने-चुने ही अधिकारी ही बैठक में भाग लेने पहुंचे. इधर छह में से सिर्फ फारबिसगंज विधायक विद्यासागर केसरी उर्फ मंचन केसरी ने ही बैठक में भाग लेना जरूरी समझा. अधिकारियों के इस रवैया से खफा जिलाधिकारी ने सख्त रवैया अपनाते हुए अनुपस्थित अधिकारियों के एक दिन के वेतनमान की कटौती व देर से बैठक में पहुंचने वाले अधिकारियों को स्पष्टीकरण सौंपने का निर्देश दिया.
एक एकड़ से बड़े 134 पोखर में से 44 के जीर्णोद्धार के लिए निविदा संपन्न
54 सार्वजनिक पोखरों पर फिलहाल अतिक्रमणकारियों का है कब्जा
अररिया. डीएम की अध्यक्षता में हुई जिलास्तीय परामर्शदात्री समिति की बैठक में योजना के सफल क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की गयी. साथ ही पीपीटी के माध्यम से योजना के विभिन्न पहलुओं से अधिकारियों को अवगत कराया गया. योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए डीडीसी इनामुल हक अंसारी ने कहा कि एरियल सर्वे में जिले में 13 हजार से अधिक सार्वजनिक तालाब व कुआं की रिपोर्ट की गयी है. इसमें 323 पोखर स्थलीय सर्वक्षण के आधार पर सत्यापित किये गये हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक ऐसे 134 पोखर एक एकड़ से अधिक व 189 पोखर इससे कम क्षेत्र में फैले हुए हैं. एक एकड़ से अधिक वाले 44 पोखरों के जीर्णोद्धार के लिए लघु जल संसाधन विभाग द्वारा निविदा की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है. बाकी पोखरों के जीर्णोधार का कार्य मनरेगा द्वारा किया जाना है. कुल 54 सार्वजनिक पोखरों पर अतिक्रमणकारियों का फिलहाल कब्जा है. इसे अतिक्रमण मुक्त कराने का प्रशासनिक प्रयास जारी है.
कार्ययोजना में सौंदर्यीकरण व पर्यावरण संरक्षण को दें महत्व
डीएम बैद्यनाथ यादव ने कहा कि जीर्णोधार की कार्ययोजना प्राथमिकता के आधार पर तय की जायेगी. छूटे हुए चोर, पोखर, उथली जमीन या महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजना का नाम कार्ययोजना में शामिल किया जा सकता है. योजना की सफलता के लिये आम लोगों को जागरूक कर सामूहिक सहभागिता बढ़ाना जरूरी है.
उन्होंने अररिया कॉलेज की तर्ज पर फारबिसगंज कॉलेज में सार्वजनिक पार्क का निर्माण सहित प्रखंड मुख्यालयों में सौंदर्यीकरण व पर्यावरण संरक्षण व पारिस्थितिकी को ध्यान में रख कर पार्क, पौधरोपण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को प्रोत्साहित करने का निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिया. बैठक में जिप अध्यक्ष आफताब अजीम पप्पू, सीएस डॉ एमएम प्रसाद, भूअर्जन पदाधिकारी मुकेश कुमार मुकूल, डीपीओ एसएसए बालेश्वर यादव, नप के कार्यपालक दीनानाथ सिंह, कार्यपालक अभिंयता लघु जल संसाधन विभाग अरविंद कुमार सिंह, कार्यपालक अभियंता भवन निर्माण गजाधर मंडल, कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग आदि मौजूद थे.