माप-तौल विभाग में संसाधन व कर्मियों की कमी, कार्य हो रहा प्रभावित

अररिया : जिले में गांव से लेकर शहर की गलियों तक खुदरा दुकानों का जाल बिछा है. मुख्य चौक-चौराहों से लेकर अमूमन सभी व्यस्त सड़कों के किनारे फल, साग-सब्जी सहित लोगों के दैनिक जीवन के लिये उपयोगी सामान फूटपाथी दुकानदारों द्वारा बेचे जा रहे हैं. इन दुकानों पर बेचे जाने वाले सामान की कीमत अक्सर […]

अररिया : जिले में गांव से लेकर शहर की गलियों तक खुदरा दुकानों का जाल बिछा है. मुख्य चौक-चौराहों से लेकर अमूमन सभी व्यस्त सड़कों के किनारे फल, साग-सब्जी सहित लोगों के दैनिक जीवन के लिये उपयोगी सामान फूटपाथी दुकानदारों द्वारा बेचे जा रहे हैं. इन दुकानों पर बेचे जाने वाले सामान की कीमत अक्सर बाजार मूल्य के बराबर ही होती है.

बावजूद इसके इन जगहों पर खरीदारी करने वाले लोग आसानी से ठगी के शिकार हो रहे हैं. दरअसल इन दुकानदारों द्वारा सामान के वजन के लिये प्रयुक्त बाट-बटखरा व तराजू निर्धारित मानक पर खरा नहीं उतरते. कहीं-कहीं तो अब तक सामान बेचने के लिये पत्थर के बाट ही प्रयोग में लाये जा रहे हैं.
निर्धारित मात्रा से कम वजन पर सामान बेच कर ये दुकानदार ग्राहकों को चुना लगा कर गाढ़ी कमाई कर रहे हैं. देखा जाय तो व्यवसायियों के इस करतूत को नियंत्रित करने के लिये जिम्मेदार विभाग ही जिले में बीमारू हालत में संचालित हो रहा है. जिला माप-तौल विभाग कर्मियों व संसाधनों की कमी की समस्या से जूझ रहा है.
विभाग में अधिकारियों व कर्मियों का टोटा : विधिक माप विज्ञान अररिया व फारबिसगंज इकाई का संचालन जिला कृषि कार्यालय परिसर में हो रहा है. जानकारी अनुसार विधिक माप विज्ञान में नियंत्रक का पद वर्षों से रिक्त है. तो फारबिसगंज के निरीक्षक ही अररिया के प्रभार में कार्यरत हैं. इसके अलावा लिपिक व अनुसेवक के सभी पद रिक्त पड़े हैं. कर्मियों के अभाव के कारण जरूरी कार्यालयी कार्य के लिये नियंत्रक कार्यालय पटना द्वारा अनुज्ञप्ति प्राप्त रिपेयरर से मदद ली जाती है.
कार्यालय में है मापतौल उपकरण के जांच का इंतजाम : विधिक माप विज्ञान द्वारा व्यवसायियों के मापतौल उपकरण की जांच कार्यालय में संपन्न कराने का इंतजाम किया गया है. हर सप्ताह सोमवार व मंगलवार को व्यवसायी कार्यालय पहुंच कर अपने मापतौल उपकरण की जांच करा सकते हैं.
जांच के लिये व्यवसायियों से निर्धारित शुल्क की वसूली के बाद विभाग द्वारा उन्हें रशीद उपलब्ध कराया जाता है. इसके अलावा सप्ताह के बचे दिनों में विभाग क्षेत्र भ्रमण कर व्यवसायियों के मापतौल उपकरण की जांच के लिये औचक निरीक्षण की प्रक्रिया संचालित करता है. इसमें किसी तरह की त्रुटी पाये जाने पर संबंधित व्यवसायी के मापतौल उपकरण जब्त कर लिये जाते हैं. तो मानक के विपरित पाये जाने पर व्यवसायियों को विभाग नोटिश कर उपकरण की जांच सुनिश्चित कराने का आदेश निर्गत करता है.
विभाग पर 92 लाख राजस्व उगाही का है लक्ष्य
चालू वित्तीय वर्ष के दौरान विधिक माप-तौल विभाग को 92 लाख 95 हजार राजस्व उगाही का लक्ष्य हासिल है. जानकारी अनुसार इसमें फारबिसगंज अनुमंडल में 46.97 लाख रुपये का राजस्व व अररिया अनुमंडल में 50 लाख पांच हजार राजस्व उगाही का लक्ष्य विभाग से प्राप्त है.
जानकारी अनुसार इसमें अब तक फारबिसगंज अनुमंडल में 46.97 प्रतिशत व अररिया अनुमंडल में 24.53 प्रतिशत राजस्व उगाही का लक्ष्य हासिल किया जा चुका है. निर्धारित समयसीमा के भीतर शेष राजस्व के उगाही के प्रति विभाग के अधिकारी पूरी तरह आश्वस्त दिखे.
कर्मी व संसाधन के कमी की समस्या से निपटने के लिये विभाग अपने स्तर से प्रयासरत है. विभागीय बैठक में मापतौल विभाग के कार्यकलापों को निपटाने में हो रही दिक्कतों से विभाग के आला अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है. समस्या के जल्द समाधान का अभाव विभाग से प्राप्त हुआ है. आशा है जल्द ही इन कमियों को दूर किया जा सके. इसके बावजूद विभाग अपनी जिम्मेदारियों के निवर्हन के प्रति गंभीर है. समय-समय पर गहन छापामारी की प्रक्रिया संचालित कर मानक के विपरित मापतौल उपकरण प्रयुक्त करने वाले व्यवसायियों को दंडित किया जा रहा है.
रजनीश रंजन, निरीक्षक विधिक माप विज्ञान

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