रानीगंज : रानीगंज-अररिया एनएच 327 ई पर मुख्यालय स्थित कमताहा पुल धर्मकाटा के समीप सोमवार शाम ऑटो पलटने से आधा दर्जन यात्री गंभीर रूप से घायल हो गये थे. स्थानीय लोगों के सहयोग से सभी घायल यात्रियों को रेफरल अस्पताल लाया गया.
जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायल यात्रियों को सदर अस्पताल अररिया रेफर कर दिया गया. वहीं गंभीर रूप से घायल एक यात्री की मौत सदर अस्पताल में हो गया. मौत की सूचना मिलते ही मृतक के गांव भोड़हा पंचायत के वार्ड संख्या एक बेलगच्छी गांव में मातम पसर गया.
परिजनों की चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया. मंगलवार को सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव गांव लाया गया. दोपहर बाद गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया. दुर्घटनाग्रस्त ऑटो को रानीगंज पुलिस ने थाना परिसर में सुरक्षित रखा है. वहीं ऑटो चालक घटना के बाद अंधेरा होने के कारण ऑटो छोड़ कर भाग गया.
छोटे भाई के साथ लौट रहे थे रानीगंज बाजार से: जानकारी के अनुसार सोमवार शाम भोड़हा पंचायत के वार्ड एक बेलगच्छी निवासी बुजुर्ग सोनेलाल नुनिया अपने छोटे भाई शिवनारायण नुनिया के साथ रानीगंज बाजार से ऑटो से घर लौट रहे थे.
संबंधित ऑटो पर इसी पंचायत के रामपुर निवासी नजरा खातून, नजरा खातून के छह वर्षीय पुत्र नूर राजा, सायरा खातून व सेबुन खातून सहित अन्य यात्री सवार थे. इसी दौरान कमताहा पुल धर्मकाटा के समीप अचानक तेज रफ्तार के कारण ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया. इससे ऑटो पर सवार सभी यात्री गंभीर रूप से घायल हो गये. आनन-फानन में स्थानीय लोगों के सहयोग से सभी घायल यात्रियों को रेफरल अस्पताल लाया गया.
जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिंताजनक स्थिति देखते हुए सभी घायल यात्रियों को सदर अस्पताल अररिया रेफर कर दिया गया. सदर अस्पताल में देर रात्रि सोनेलाल नुनियां की मौत हो गयी. वहीं गंभीर रूप से घायल सोनेलाल नुनियां के भाई शिवनारायण नुनियां को सदर अस्पताल पूर्णिया रेफर कर दिया गया.
परिजनों ने कहा कि शिवनारायण की हालत भी नाजुक बनी हुई है. मंगलवार को नगर थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजन को सौंप दिया.
वहीं इस घटना से मृतक के घर में मातम पसर गया. मृतक की दोनों पत्नी बुधनी देवी व खटरी देवी पति के मौत से बेसुध हो गयी. वहीं मृतक की वयोवृद्ध बहन मसोमात अनारी देवी तो भाई की मौत की सूचना मिलते ही छाती पीटने लगी. रोते-बिलखते अनारी देवी ने अपनी किस्मत को कोसते हुए कहा कि एक भाई तो चला गया, दूसरा मौत से जूझ रहा है. एक साथ बुढ़ापे में इतना बड़ा दुख झेलना मुश्किल है.
