अररिया : डोरियारे पहुंचने पर सभी बच्चों के शव का अंतिम संस्कार प्रशासनिक पदाधिकारी व पुलिस पदाधिकारी के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधयों के बीच कर दिया गया. अलग-अलग श्मशान में छह चिताएं सजायी गयीं और बच्चों ने बच्चों को मुखाग्नि दी. एक ही आंगन से चार अर्थी उठी. जबकि, दो अर्थी अलग-अलग वार्डों से निकली. स्कॉर्पियो दुर्घटना में मंगलवार को छह बच्चों की मौत हो गयी थी. सभी बच्चे रानीगंज प्रखंड के डोरियारे गांव के थे. परिजन के आंखों से टपकते आंसू व दहाड़ मार रोती
अररिया : उठी छह अर्थी, चीत्कार से गूंज उठा गांव
अररिया : डोरियारे पहुंचने पर सभी बच्चों के शव का अंतिम संस्कार प्रशासनिक पदाधिकारी व पुलिस पदाधिकारी के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधयों के बीच कर दिया गया. अलग-अलग श्मशान में छह चिताएं सजायी गयीं और बच्चों ने बच्चों को मुखाग्नि दी. एक ही आंगन से चार अर्थी उठी. जबकि, दो अर्थी अलग-अलग वार्डों से निकली. स्कॉर्पियो […]

उठी छह अर्थी…
महिलाओं के बीच से सभी बच्चों की अर्थी श्मसान घाट पर ले जाया गया, जहां उसकी अंत्येष्टि कर दी गयी. अंत्येष्टि तो हो गयी पर गांव में रोने व बिलखने की आवाज आज भी सुनाई दे रही थी. इधर काल के गाल से निकले मोलू का इलाज अब भी पूर्णिया के एक अस्पताल में जारी है. पिता इलाज के पैसे के लिए दर-दर चंदा मांग रहे हैं. वह आज भी जीवन और मौत से अस्पताल में जूझ रहा है. इस मामले को ले डोरियारे निवासी दिनेश्वर सिंह ने वाहन चालक के विरुद्ध ताराबाड़ी थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी है.
इसमें लापरवाही के साथ वाहन चलाने का आरोप
लगाया है. उधर चांदो सिंह का पुत्र व पुत्रवधू अब भी अपने ससुराल में है. उसकी कसक अलग है. उसकी पत्नी रीना अपने भाग्य को कोस रही है. गांव में व्याप्त चर्चा की बात पर रीना और कुंठित हो रही हैं. दूल्हा व दुल्हन की विदाई अंतिम संस्कार होने तक रोक दी गयी है. घाट चिकनी निवासी केदार सिंह अपनी बेटी के ससुराल डोरियारे पहुंच कर उनकी पीड़ा को बांटने का प्रयास किया.