ग्रामीणों ने एसएसबी के कब्जे से मवेशियों को जबरन छुड़ाया, प्राथमिकी दर्ज, दो गिरफ्तार
नरपतगंज : एसएसबी 56 वीं बटालियन के बीओपी फुलकाहा के जवानों को मंगलवार को तस्करी की आशंका पर मवेशी पकड़ना महंगा पड़ गया. एसएसबी के विरोध में ग्रामीण सड़क पर उतर गये. इस दौरान एसएसबी जवानों व ग्रामीणों के बीच झड़प हो गयी. इस दौरान ग्रामीणों ने एसएसबी द्वारा पकड़े गये मवेशी को एसएसबी से जबरन मवेशी को छुड़ा लिया. एसएसबी की सूचना पर पहुंचे फुलकाहा थानाध्यक्ष सीके टूडू ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो लोगों को हिरासत में लिया. एसएसबी जवानों से हाथापाइ करने व जबरन मवेशी छुड़ाने के मामले को लेकर फुलकाहा एसएसबी कैंप प्रभारी मृत्युंजय कुमार ने फुलकाहा थाना में तीन लोगों को नामजद करते हुए अज्ञात 15- 20 लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराया है.
जानकारी अनुसार मंगलवार को फुलकाहा बीओपी कैंप प्रभारी मृत्युंजय कुमार के नेतृत्व में जवान गुप्त सूचना के आधार पर तस्करी के मवेशी ले जाने की आशंका पर अचरा तोप नवाबगंज के बलुआहा पुल के समीप 18 मवेशी को जब्त किया. उसे जवान कैंप ले जा रहे थे. इसी दौरान मवेशी मालिक मवेशी छोड़ कर फरार हो गया. कुछ देर बाद ग्रामीणों के साथ मवेशी मालिक प्राथमिक विद्यालय तोप नवाबगंज के समीप पहुंचे और एसएसबी को चारों ओर से घेर लिया. इस क्रम में दोनों पक्षों में घंटों झड़प हुई. आक्रोशित सैकड़ों लोगों ने जबरन एसएसबी के चंगुल से सभी मवेशियों को छुड़ा ले गये.
इसके बाद एसएसबी ने फुलकाहा थाना पुलिस के सहयोग से घटना में शामिल दो लोगों को गिरफ्तार किया. इसमें तोप नवाबगंज निवासी सुरेश यादव एवं जितेंद्र यादव शामिल हैं. घटना के बाद फुलकाहा कैंप प्रभारी मृत्युंजय कुमार ने फुलकाहा थाना में कांड संख्या 95/18 दर्ज कराया. स्थानीय लोगों का कहना था कि सभी मवेशी किसानों के थे जो चराने के लिए ले जाया गया था. वापसी में एसएसबी ने सभी मवेशियों को तस्करी की आशंका पर पकड़ लिया. इसके बाद मामला बिगड़ गया. मामले की पुष्टि करते हुए फुलकाहा थानाध्यक्ष सीके टूड्डू ने बताया कि इस मामले में एसएसबी के कैंप प्रभारी के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है. गिरफ्तार लोगों को न्यायिक हिरासत में भेजने की बात थानाध्यक्ष ने कही.
