एनएच 57 पर तीन महीने में हुए तीन बड़े हादसे, 14 की हुई मौत

फारबिसगंज : एनएच 57 पर विगत तीन महीने में तीन बड़े सड़क हादसे हो चुके हैं. तीनों सड़क दुर्घटना में सामूहिक रूप से 14 लोगों की जान जा चुकी है. रविवार को एनएच 57 पर पोठिया गांव के समीप हुई घटना के पहले नरपतगंज में दो बड़े हादसे हुए. इनमें 10 लोगों की मौत हुई […]

फारबिसगंज : एनएच 57 पर विगत तीन महीने में तीन बड़े सड़क हादसे हो चुके हैं. तीनों सड़क दुर्घटना में सामूहिक रूप से 14 लोगों की जान जा चुकी है. रविवार को एनएच 57 पर पोठिया गांव के समीप हुई घटना के पहले नरपतगंज में दो बड़े हादसे हुए. इनमें 10 लोगों की मौत हुई थी.

पोठिया की घटना से पूर्व गत 5 मार्च को फारबिसगंज-नरपतगंज मार्ग एनएच 57 पर पंचगछिया चौक के समीप एक यात्री बस और जेसीबी के बीच आमने सामने की हुई टक्कर में पांच लोगों को मौत हुई थी. जबकि दो दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गये थे. इस सड़क हादसे में मधुरा पश्चिम नरपतगंज निवासी सोनी देवी पति सुधीर दास, त्रिवेणीगंज निवासी दिलीप यादव पिता झुरी यादव, मधुबनी सुपौल निवासी संझा देवी पति अगमन लाल यादव और अमित कुमार पिता अनमोल यादव सहित अन्य की मौत हुई थी. गत 16 अप्रैल को एनएच 57 पर चकरदहा राइस मिल के समीप हुई थी.
इसमें सूखानगर प्रतापगंज सुपौल निवासी रूपेश कुमार सिंह पिता स्वर्गीय रघुनंदन सिंह, दीवानगंज प्रतापगंज सुपौल निवासी विजय मिश्रा पिता फूलो मिश्रा, भवानीपुर प्रतापगंज निवासी गौतम मिश्रा पिता भरत मिश्रा और भरत मिश्रा पिता कमल मिश्र, इशाक चक भागलपुर निवासी शंकर मिश्र पिता रघुनाथ मिश्र की मौत हुई थी.
बताया जाता है कि सभी लोग अररिया के चंदरदेयी से एक शादी का रस्म अदा कर घर लौट रहे थे. इसी दौरान चकरदहा राइस मिल के समीप सूमो का पंक्चर टायर बनाने के दौरान एक टेंकलॉरी ने पांच लोगों को रौंद डाला था. इसमें पांचों लोगों की मौत हो गयी थी. इसके अलावा छोटी मोटी घटनाएं रोज होती रहती हैं. किसी न किसी की जान जाती है. लोग अपंग हो रहे हैं. लगातार हो रहे सड़क हादसे के बाद भी न तो हाइवे ऑथोरिटी इस तरह की घटना को रोकने के लिए कोई कदम उठा रहा है और न ही लोग यातायात नियमों का पालन कर रहे हैं अथवा सावधानी बरत रहे हैं.

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