एबीएम सिकटी के निर्माण की घोषणा से खुशी

121 करोड़ की बनी है डीपीआर, प्रशासनिक व तकनीकी स्वीकृति बाकी अररिया : पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव द्वारा एबीएम सिकटी पथ के निर्माण की घोषणा करने के साथ ही क्षेत्र में हर्ष का माहौल है. क्षेत्र के लोगों ने सोशल मीडिया से लेकर मोबाइल पर संदेश देकर प्रभात खबर के प्रति आभार जताया. […]

121 करोड़ की बनी है डीपीआर, प्रशासनिक व तकनीकी स्वीकृति बाकी

अररिया : पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव द्वारा एबीएम सिकटी पथ के निर्माण की घोषणा करने के साथ ही क्षेत्र में हर्ष का माहौल है. क्षेत्र के लोगों ने सोशल मीडिया से लेकर मोबाइल पर संदेश देकर प्रभात खबर के प्रति आभार जताया. इस मुद्दे को ले प्रभात खबर पिछले छह माह से मुहिम चला रखा था. प्रभात खबर की मुहिम के बाद जनप्रतिनिधियों में संवेदन जगी और वे लोग भी अथक परिश्रम कर इसे अंजाम तक पहुंचाया. लेकिन इस सड़क का शिलान्यास व घोषणा जनप्रतिनिधियों द्वारा इतनी बार की गयी कि लोग अब भी यह कहते हुए नहीं चूकते कि देखिये इस बार क्या होता है.
इधर आरसीडी के कार्यपालक अभियंता युद्धस्तर पर एबीएम सिकटी पथ के लिए बनाये गये डीपीआर को विभाग भेजने की तैयारी में लगे हैं. एबीएम सिकटी पथ के निर्माण को ले प्रभात खबर ने तब अभियान छेड़ा जब यह सड़क आरडब्लूडी से आरसीडी में स्थानांतरित होने के लिए 13 वर्षों से बाट जोह रहा था. इसके बाद तो इस मुद्दे को स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने भी आड़े हाथ लिया. पीडब्ल्यूडी मंत्री से जहां पूर्व सांसद प्रदीप कुमार सिंह पत्र लिखकर सड़क निर्माण की मांग करने लगे.
वहीं सिकटी विधायक विजय कुमार मंडल तो पटना में कैंप कर इस सड़क के निर्माण की घोषणा के लिए जिद्द पर अड़ गये. प्रभात खबर के खबर का ही असर था कि सोशल मीडिया भी प्रभात खबर के मुहिम का हिस्सा बन गया. हालांकि इसका श्रेय प्रतिनिधि व अधिकारी भी प्रभात खबर को दे रहे हैं. प्रभात खबर के 20 जुलाई 17 के अंक में 13 वर्षों से दो विभागों के बीच फंसा है एबीएम सिकटी पथ, खबर छपते ही विभाग हरकत में आया और आनन-फानन में 23 अगस्त 2017 को यह पथ आरसीडी को हैंड ओवर हो गया. इस बीच बाढ़ ने तो इस सड़क को बुरी तरह से क्षति पहुंचाया. जिसे पीडब्ल्यूडी द्वारा आवागमन के लायक बनाया गया.
रानी पुल में फंसे पेच का भी होगा जल्द निदान . सिकटी विधायक विजय कुमार मंडल ने रानी पुल में फंसे तकनीकी पेंच को दूर करने के लिए ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री शैलेस कुमार से मिलकर सड़क व रानी पुल के निर्माण में फंसे पेंच को दूर कराया. इस संबंध में आरडब्लूडी के कार्यपालक अभियंजा खलीकुज्जमा ने बताया कि 02 नवंबर को ग्रामीण कार्य विभाग के सचिव के निर्देश पर सिंघल ग्रुप के अभियंताओं ने भी रानी पुल का निरीक्षण किया. इसके बाद इस पुल के पाइलिंग में फंसे पेंच के निदान के लिए दो दिनों में रिपोर्ट सौंपने की बात भी कही. हालांकि अभी तक सिंघल ग्रुप ने अपनी रिपोर्ट आरडब्लूडी को नहीं सौंपी है. इसकी जानकारी कार्यपालक अभियंता ने दी.

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