बिना पास नहीं जा पायेंगे प्रसव वार्ड

सदर अस्पताल . मरीजों के परिजनों की भीड़ रोकने के लिए नयी व्यवस्था अररिया आरएस : प्रसव वार्ड में आपको प्रवेश करने के लिए स्वास्थ्य विभाग से पास लेना अनिर्वाय होगा. सदर अस्पताल के प्रसव वार्ड में प्रसव करने के लिए आये एक ही परिजन को पास दिया जायेगा. वह भी सिर्फ महिला को दिया […]

सदर अस्पताल . मरीजों के परिजनों की भीड़ रोकने के लिए नयी व्यवस्था

अररिया आरएस : प्रसव वार्ड में आपको प्रवेश करने के लिए स्वास्थ्य विभाग से पास लेना अनिर्वाय होगा. सदर अस्पताल के प्रसव वार्ड में प्रसव करने के लिए आये एक ही परिजन को पास दिया जायेगा. वह भी सिर्फ महिला को दिया जायेगा. इतना ही नहीं आशा व ममता को भी प्रसव वार्ड में प्रवेश करने से पहले उसे गेट पर पहचान पत्र दिखाना होगा. साथ ही उन्हें अपने यूनिफार्म में ही प्रवेश करने दिया जायेगा. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के प्रसव वार्ड के मुख्य द्वार पर दो सुरक्षा कर्मी को प्रतिनियुक्त किया गया है.
इसलिए अब स्वास्थ्य विभाग के बिना अनुमती लिए प्रसव वार्ड में नहीं जा सकेंगे. स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी अनुसार ऐसा करने का कारण है कि आये दिन प्रसव वार्ड में निजी नर्सिंग होम चलाने वाले लोग सदर अस्पताल के प्रसव वार्ड में घुस कर मरीजों को बहला फुसला कर निजी नर्सिंग होम में लेकर चले जाते थे. जहां उनका मानसिक व आर्थिक शोषण किया जाता था.
प्रसव वार्ड के मुख्य दरवाजे पर 24 घंटा सुरक्षा कर्मी रहेंगे तैनात : अब 24 घंटे प्रसव वार्ड के मुख्य द्वार पर सुरक्षा कर्मी तैनात रहेंगे. अब प्रतिनियुक्त सुरक्षा गार्ड बगैर स्वास्थ्य विभाग के अनुमति लिये किसी को भी प्रसव वार्ड में घुसने की अनुमति नहीं मिलेगी. बगैर अनुमती के प्रसव वार्ड में प्रवेश करने के लिए किसी तरह की जोर जबरदस्ती करते हैं तो आप को महंगा पड़ सकता है. अगर ऐसा करते हैं तो सुरक्षा कर्मी इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी को देने के बाद उस पर कार्रवाई भी की जायेगा.
सीसीटीवी कैमरे से प्रसव वार्ड में आने वाले लोगों पर रखी जा रही है नजर : स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी अनुसार प्रसव वार्ड में बिचौलियों के सक्रिय होने की जानकारी बराबर मिलती रहती थी. इसको लेकर पहले एक सीसीटीवी कैमरा लगाया गया. लेकिन इससे पूरे एरिया का कवरेज नहीं हो पाता था. इसलिए अब प्रसव वार्ड के अंदर व बाहर दो सीसीटीवी कैमरा लगा दिया गया है. अब इस कैमरे से हर आने जाने वालों पर नजर रखी जा रही है. यदि किसी भी बिचौलियों को प्रसव वार्ड के इर्द गिर्द देखा जाता है
तो उसके विरुद्ध कार्रवाई होगी.
आशा व ममता को भी दिखाना होगा पहचान पत्र : प्रसव पीड़ित महिला के साथ आयी आशा व ममता को भी सदर अस्पताल में बने प्रसव वार्ड प्रवेश करने के लिए उसे यूनिफार्म में पहचान पत्र लाना आवश्यक है. ऐसा नहीं करने पर उन्हें भी प्रसव वार्ड में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी. प्रसव पीड़िता के साथ आने वाले परिजनों में से भी किसी एक को अंदर जाने की अनुमति होगी. यह अनुमति केवल महिला को ही मिलेगी और उसे मरीज के भरती कराने से पूर्व लेना होगा.
सीसीटीवी से प्रसव वार्ड की निगरानी, लगाये गये हैं 25 बेड
बेड पर अंकित किया जायेगा नंबर
सदर अस्पताल के प्रसव वार्ड में कुल 25 बेड लगाया गया है. सभी बेड पर बहुत जल्द ही नंबर अंकित कर दिया जायेगा. प्रसव कराने आये मरीजों को उसे भरती करने के साथ ही उसे बेड नंबर दे दिया जायेगा. मरीज के साथ एक परिजन उनके साथ रहे इसके लिए उसे स्वास्थ्य विभाग के तुरंत पास बना कर दे दिया जायेगा. जिस परिजनों को पास दिया जायेगा केवल वही मरीज के साथ रह सकते हैं व मिल सकते हैं. हालांकि किसी आपातकाल स्थिति में स्वास्थ्य विभाग के आदेश पर दूसरे परिजन को भी मिलने दिया जायेगा.
सदर अस्पताल में बने प्रसव वार्ड में मरीज के साथ एक ही परिजन का पास बना कर दिया जायेगा. इसके साथ आशा व ममता को भी बिना यूनिफार्म व बिना पहचान पत्र दिखाये उसे प्रसव वार्ड प्रवेश करने का अनुमति नहीं दी जायेगी. उन्होंने बताया कि आशा व ममता के लिए ऐसा नियम लागू हो गया है. जबकि प्रसव करने के लिए परिजनों को पास देने की प्रक्रिया बहुत जल्द ही शुरू कर दी जायेगी.
नाजिश अहमद नियाज, अस्पताल प्रबंधक

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