बाढ़ से तबाही . नप ने नगर विकास व आवास विभाग को भेजी रिपोर्ट
बाढ़ के कारण अररिया नप क्षेत्र के वार्ड सात से लेकर 29 तक में तीन दिनों तक जमा रह गया था बाढ़ का पानी.
अररिया : लगभग डेढ़ माह बाद अब बाढ़ की विनाशलीला प्रभावित क्षेत्रों में स्पष्ट दिखायी पड़ती है. घर, फसल के बाद बाढ़ की तबाही का सबसे ज्यादा असर सड़कों पर पड़ा है. अररिया नगर परिषद की सड़कों का हाल भी कुछ ऐसा ही है. नप कार्यालय से मिले आंकड़ों के अनुसार सिर्फ अररिया नप क्षेत्र के विभिन्न वार्डों के 120 सड़क, नाला क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिसकी मरम्मत व पुनर्निर्माण पर लगभग 14 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है.
13 अगस्त को जिला मुख्यालय के बगल से बहने वाली परमान नदी के माध्यम से पानी अररिया शहर पहुंचा. यह पानी दो से तीन दिनों तक अररिया के लगभग 21 वार्डों में जमा रहा. नतीजा हुआ कि कई सरकारी व निजी भवनों के अलावा कई करोड़ रुपये के संपत्ति का नुकसान हुआ. बाढ़ ने विभिन्न वार्डों में सड़क व नाला की सूरत ही बदल डाली. कुछ वार्डों में नाला के टूटने के कारण जल निकासी की व्यवस्था भी बाधित हो गयी है.
120 स्थानों पर सड़क व नाले क्षतिग्रस्त
नगर परिषद ने कनीय अभियंता के माध्यम से सर्वे कराकर नगर विकास व आवास विभाग को नप क्षेत्र के 120 स्थानों पर सड़क व नाला के क्षतिग्रस्त होने की रिपोर्ट सौंपी गयी है. जानकारी अनुसार इनमें वार्ड संख्या 07 से लेकर वार्ड संख्या 29 के कुल 21 वार्डों के सड़क व सड़क सह नाला शामिल हैं.
सौंपे गये आंकड़ों के अनुसार इनकी मरम्मत व पुनर्निर्माण पर 13,98,79,408 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है. हालांकि क्षतिग्रस्त स्थानों के सड़क व नाले का निर्माण नहीं होने के कारण नगरवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. सबसे ज्यादा सड़कों व नाला का नुकसान वार्ड संख्या 11, 17, 18, 22, 23, 28 में देखने को मिल रहे हैं.
क्षतिग्रस्त सड़कों की रिपोर्ट भेज दी गयी है
नगर विकास एवं आवास विभाग को नप क्षेत्र की क्षतिग्रस्त सड़कों की रिपोर्ट भेज दी गयी है. इसके पुनर्निर्माण व मरम्मत पर लगभग 13 करोड़ 98 लाख की राशि खर्च होने का अनुमान लगाया गया है.
भवेश कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी
