रानीगंज पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन अपहरणकर्ता को पुलिस ने गिरफ्तार किया. मामले के मुख्य सूत्रधार सहित दो अपहरणकर्ता अंधेरे का लाभ उठा कर मौके से फरार हो गये. बताया जाता है कि शादी का झांसा देकर सुनियोजित तरीके से संगठित गिरोह द्वारा अपहरण की घटना को अंजाम दिया गया था.
रानीगंज : यूपी के कानपुर देहात जनपद अंतर्गत मंगलपुर थाना क्षेत्र से अपहृत तीन व्यक्ति को पहुंसरा वार्ड संख्या एक से गुरुवार को बरामद किया गया. मंगलपुर व रानीगंज पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन अपहरणकर्ता को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया गया. जबकि मामले के मुख्य सूत्रधार सहित दो अपहरणकर्ता अंधेरे का लाभ उठा कर मौके से फरार हो गये. बताया जाता है कि शादी का झांसा देकर सुनियोजित तरीके से संगठित गिरोह द्वारा अपहरण की घटना को अंजाम दिया गया था.
लेकिन संबंधित पुलिस की तत्परता के कारण अपहृत तीनों व्यक्ति को धान के खेत से सुरक्षित बरामद करते हुए घटना में संलिप्त तीन कथित अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया. पहुंसरा वार्ड संख्या 12 निवासी महेश्वरी ऋषिदेव ने यूपी के मंगलपुर थाना अंतर्गत श्रीनगर वार्ड संख्या 11 निवासी धोनी राम के पुत्र महेंद्र कुमार उर्फ पप्पू, महेंद्र के भाई सतीश खरीक व जलील के पुत्र सईद कुरैशी को शादी के लिए लड़की दिखाने का झांसा देकर 24 सितंबर को पहुंसरा बुलाया था.
लेकिन पहुंसरा में सुनियोजित तरीके से महेंद्र ऋषिदेव ने अपने अन्य साथियों के साथ मिल कर तीनों का अपहरण कर लिया. छोड़ने के एवज में 15 लाख रुपये फिरौती की मांग करते हुए अपहृत के मोबाइल से परिजन को सूचना दी. 15 लाख रुपये फिरौती के लिए अपहरण की घटना को लेकर महेंद्र व सतीश के पिता धोनी राम ने मंगलपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी थी.
मामले को लेकर मंगलपुर थाना में कांड संख्या 554/17 दर्ज किया गया था. अपहृत की तलाश में संबंधित थाना के एसआइ संतोष आर्य, अमर सिंह, दिनेश यादव, अनमोल सिंह, अरूण चौधरी सहित नौ पुलिस पदाधिकारी की टीम 28 सितंबर को रानीगंज थाना पहुंची. इसके बाद रानीगंज थानाध्यक्ष किंग कुंदन की अगुआई में सबसे पहले इस मामले में संलिप्त पहुंसरा वार्ड संख्या एक निवासी लक्ष्मी ऋषिदेव के पुत्र बालबोध ऋषिदेव को गिरफ्तार किया गया.
बालबोध के निशानदेही पर गुरुवार की रात दोनों थाना की संयुक्त टीम ने पहुंसरा वार्ड संख्या एक स्थित धान खेत से महेंद्र, सतीश व सईद को सही सलामत बरामद कर लिया गया. वहीं मौके से बालबोध के भाई सुबोध ऋषिदेव व पचीरा पंचायत अंतर्गत शरणार्थी टोला वार्ड संख्या पांच निवासी छोटका ऋषिदेव के पुत्र अखिलेश ऋषिदेव को पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता पायी.
इस दौरान अंधेरा के कारण इस मामले के मुख्य अभियुक्त महेश्वरी ऋषिदेव व सिमराहा रेहका निवासी कुमोद ऋषिदेव भागने में सफल रहे. 29 सितंबर को रानीगंज थाना में पूछताछ के बाद अपहृत तीनों व्यक्ति व मामले में गिरफ्तार तीनों कथित अपराधियों को मंगलपुर पुलिस ने अपने साथ यूपी लेकर चली गयी. अपहरणकर्ता के चंगुल से मुक्त हुए तीनों व्यक्ति ने कहा कि 24 सितंबर से ही हथियार के नोक पर पहले सुबोध व बालबोध के घर में बांध कर रखा गया. इसके बाद धान के खेत में लेकर गया.
हमेशा फिरौती की रकम नहीं मिलने की स्थिति में हत्या कर देने की धमकी दी जा रही थी. शादी के लोभ में मीलों दूरी तय कर तीनों व्यक्ति अपहरण की साजिश में फंस गये. मालूम हो कि इस घटना में संलिप्त दो अभियुक्त सुबोध व बालबोध ऋषिदेव पहुंसरा पंचायत के वर्तमान मुखिया किरण देवी के देवर हैं. मामले के उद्भेदन से पहुंसरा में एक तरफ जहां मुखिया के परिजन की संलिप्तता को लेकर तरह-तरह की चर्चा हो रही है. वहीं दूसरी तरफ शादी के नाम पर सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में संगठित गिरोह का खुलासा से ग्रामीण स्तब्ध हैं. कुल मिला कर मामले के उद्भेदन को पुलिस के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है.
