अररिया : सोमवार को बैंक अधिकारियों के साथ हुई डीएलसीसी की बैठक में ये बात खुल कर सामने आयी कि सरकार व प्रशासन के तमाम प्रयासों व सख्त निर्देशों के बावजूद जिले में कार्यरत बैंक बिहार राज्य स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत ऋण स्वीकृत करने में आवश्यक रूचि नहीं ले रहे हैं. वहीं सीडी […]
अररिया : सोमवार को बैंक अधिकारियों के साथ हुई डीएलसीसी की बैठक में ये बात खुल कर सामने आयी कि सरकार व प्रशासन के तमाम प्रयासों व सख्त निर्देशों के बावजूद जिले में कार्यरत बैंक बिहार राज्य स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत ऋण स्वीकृत करने में आवश्यक रूचि नहीं ले रहे हैं. वहीं सीडी अनुपात व एसीपी की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पायी गयी.
बैठक में उपस्थित बैंकिंग उप समाहर्ता पीके झा व अन्य प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बैठक में स्टूडेंट क्रडिट कार्ड योजना की प्रगति पर चिंता जतायी गयी. प्रस्तुत रिपोर्ट के मुताबिक ऋण के 238 आवेदनों में से बैंकों ने केवल 86 छात्रों को ही अब तक ऋण की राशि दी है. जबकि स्वीकृत आवेदनों की संख्या 152 है. बाकी आवेदन पेंडिंग पड़े हुए हैं.
बताया गया कि बैंक अधिकारियों को कागजात की जांच पड़ताल कर आवेदनों को स्वीकृत करने या कारण दर्शाते हुए अस्वीकृत करने का निर्देश बैठक में दिया गया. बैंकिंग उप समाहर्ता श्री झा ने बताया कि बैठक में बैंकों को सीडी अनुपात को बढ़ाने व एसीपी सुधारने का भी निर्देश दिया गया.
ये भी बताया गया कि जीविका पदाधिकारियों द्वारा की गयी शिकायत के मद्दे नजर कुर्साकांटा एसबीआइ की शाखा को जीविका समूह के सभी 100 पेंडिंग आवेदनों के विरूद्ध खाता खोलने का निर्देश दिया गया. बताया गया कि समीक्षा के क्रम में गव्य विकास व मुर्गीपालन योजना की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पायी गयी. बैंक अधिकारियों से कहा गया कि वे अपने स्तर से आवेदन जेनरेट कर ऋण मुहैया करायें. अधिकारी ने बताया कि मुद्रा सहित केंद्र सरकार द्वारा हाल के वर्षों में शुरू की गयी
अन्य कई सारी योजनाओं की प्रगति भी निराशाजनक पायी गयी. बैठक में एलडीएम सहित विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक व विभागों के अधिकारी मौजूद थे.