अररिया/मधेपुरा : मधेपुरा जिले के मुरलीगंज प्रखंड स्थित जेबीसी नहर सिंगयान साइफन मामले में मिले मलबे के मामले में मधेपुरा पुलिस ने भरगामा में छापेमारी की. जानकारी अनुसार गुरुवार की देर रात मधेपुरा व अररिया पुलिस ने फारबिसगंज डीएसपी के नेतृत्व में भरगामा थाना क्षेत्र के वीरनगर पंचायत के छर्रापट्टी गांव पहुंची, जहां से इस घटना के कथित मास्टरमांइड मौलाना अब्दुल कलाम को गिरफ्तार कर मुरलीगंज थाना के थानाध्यक्ष राजेश कुमार को सौंप दिया.
फारबिसगंज डीएसपी के नेतृत्व में जारी है छापेमारी अभियान
अररिया/मधेपुरा : मधेपुरा जिले के मुरलीगंज प्रखंड स्थित जेबीसी नहर सिंगयान साइफन मामले में मिले मलबे के मामले में मधेपुरा पुलिस ने भरगामा में छापेमारी की. जानकारी अनुसार गुरुवार की देर रात मधेपुरा व अररिया पुलिस ने फारबिसगंज डीएसपी के नेतृत्व में भरगामा थाना क्षेत्र के वीरनगर पंचायत के छर्रापट्टी गांव पहुंची, जहां से इस […]

अररिया जिले के भरगामा थाना क्षेत्र के छर्रापट्टी गांव से गिरफ्तार मौलाना अब्दुल कलाम ने एएसपी राजेश कुमार के समक्ष अपना अपराध स्वीकार किया है. उसने कहा कि इसमें गांव के कई प्रभावशाली लोगों ने आर्थिक सहयोग दिया था. आठ हजार की दर से चंदा किया गया था. इस राशि से खरीद की गयी.
इससे पहले मधेपुरा जिले के मुरलीगंज थाना प्रभारी राजेश कुमार अपने जेएसआइ व पुलिस जवानों के साथ अररिया पहुंचे, जहां से फारबिसगंज डीएसपी के नेतृत्व में जिले के रानीगंज, अररिया आरएस ओपी, भरगामा थाना आदि के पुलिस पदाधिकारी व जवानों द्वारा वीरनगर पंचायत के छर्रापट्टी गांव में छापामारी कर अब्दुल कलाम को हिरासत में ले लिया. बताया जा रहा है पुलिस अधिकारियों को उक्त गांव में छापेमारी कर व संदिग्ध मौलाना की गिरफ्तारी का निर्देश वरीय अधिकारियों द्वारा दिया गया था.
मौलाना अब्दुल कलाम का संबंध बनमनखी से भी है. बताया जा रहा है कि वहां पर वे एक मदरसा का संचालन करने के अलावा मवेशी हाट का संचालन भी करते हैं. इधर, मामले में और भी संदिग्धों की संलिप्तता के मद्देनजर जिले के पुलिस पदाधिकारी वीरनगर व उसके आसपास के इलाके में छापामारी अभियान भी चला रहे हैं. वहीं फारबिसगंज डीएसपी अजीत कुमार सिंह ने मौलाना अब्दुल कलाम की गिरफ्तार की पुष्टि की. लेकिन इसके अलावा कुछ भी बताने से परहेज किया.