बैकलॉग से गहरा सकता है लाभुकों का खाद्यान्न संकट

अररिया : जिले में सड़क व मोबाइल नेटवर्क की बदहाली ने एक बार फिर से खाद्यान्न आपूर्ति के हालात को बैकलॉग में डाल दिया है. जानकारी अनुसार अभी तक अगस्त माह का 70 प्रतिशत खाद्यान्न भी सभी प्रखंडों के पीडीएस दुकानदारों तक नहीं पहुंच पाया है. राज्य खाद्य निगम के पटना मुख्यालय व एसडीओ द्वारा […]

अररिया : जिले में सड़क व मोबाइल नेटवर्क की बदहाली ने एक बार फिर से खाद्यान्न आपूर्ति के हालात को बैकलॉग में डाल दिया है. जानकारी अनुसार अभी तक अगस्त माह का 70 प्रतिशत खाद्यान्न भी सभी प्रखंडों के पीडीएस दुकानदारों तक नहीं पहुंच पाया है. राज्य खाद्य निगम के पटना मुख्यालय व एसडीओ द्वारा दो बार क्रमश:

पांच सितंबर व इसके बाद 10 सितंबर तक का समय तो बढ़ा दिया गया है. लेकिन हालात यही हैं कि इस तिथि तक भी पीडीएस दुकानदारों तक शत प्रतिशत खाद्यान्न की आपूर्ति हो पायेगी कहना मुश्किल है. हालांकि बैकलॉग का कारण जिले में आयी प्रलंयकारी बाढ़ को बताया जा रहा है. यह सही भी लग रहा है. बताया गया कि जुलाई माह में एक भी प्रतिशत बैकलॉग नहीं बचा था.

लेकिन बाढ़ प्रभावित प्रखंडों में 12 अगस्त से पूर्व जो भी खाद्यान्न जाना था गया लेकिन इसके बाद इन प्रखंडों में डीलरों तक खाद्यान्न पहुंचने की रफ्तार न के बराबर चली.

नतीजा अब यह है कि खाद्यान्न आपूर्ति की समस्या अगर पटरी पर नहीं लौटी तो बाढ़ से प्रभावित लगभग 22 लाख 50 हजार 300 के आबादी के पास अनाज के एक-एक दाने की लाले पड़ सकते हैं. सरकार के राहत पैकेट के आंकड़ों पर ध्यान दे तो साढ़े 22 लाख बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच 25 हजार क्विंटल अनाज का आवंटन किया गया है. जिससे मात्र पांच लाख क्विंटल पैकेट ही बन पायेगा. यह भी अगर सही-सही बाढ़ प्रभावित लोगों तक वितरित हो जाये तो भी साढ़े 17 लाख लोगों के सामने अनाज की आपूर्ति का एक मात्र जरिया पीडीएस दुकानदार हैं. कम से बाढ़ से बेहाल लोगों तक अनुदानित मूल्य में खाद्यान्न तो मिल जाता. लेकिन ऐसा होता नहीं दिख रहा है.

खाद्यान्न आपूर्ति की सिकटी व कुर्साकांटा में बुरी स्थिति
फूड कलेंडर के अनुसार आवंटित माह का खाद्यान्न उसी माह के 1-25 के बीच एसएफसी को डोर स्टेप डिलेवरी के माध्यम से पीडीएस दुकानदारों तक पहुंचा देना है. लेकिन सितंबर में अब तक अगस्त माह का 30 प्रतिशत खाद्यान्न ही पहुंच पाया है. कुर्साकांटा, सिकटी, पलासी, भरगामा, फारबिसगंज, नरपतगंज के डीलरों तक पहुंचाये गये खाद्यान्न के ही आंकड़े स्पष्ट कर रहे हैं कि इन प्रखंडों में बाढ़ ने क्या तबाही मचायी है जो कि यहां के डीलरों तक अब तक खाद्यान्न नहीं पहुंचाये जा सके हैं. इन प्रखंडों के लाभुकों का क्या हाल होगा. जब तक सरकारी राहत तो छोड़ दिजीये जबिक अनुदानित दर पर डीलरों के पास से ही खाद्यान्न नहीं मिल पायेगा. सभी आंकड़े लगभग में हैं.

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