अररिया : बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत उपलब्ध कराने के प्रशासनिक प्रक्रिया पर त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि नाराज हैं. मंगलवार को डीआडीए सभागार में आयोजित जिला परिषद की बैठक में प्रतिनिधियों ने खुल कर इस पर आपत्ति दर्ज की. जिप अध्यक्ष आफताब अजीम पप्पू की अध्यक्षता में हुई बैठक में मौजूद प्रखंड प्रमुख व जिप सदस्यों ने राहत विरतण की पूरी प्रक्रिया में जन प्रतिनिधियों को दरकिनार किये जाने का आरोप प्रशासन पर लगाया. सदस्यों का आरोप था
कि बाढ़ आने के बाद सूखा राशन के विरतण से लेकर प्रभावित परिवारों की सूची निर्माण की प्रक्रिया को लेकर उन्हें किसी तरह की सूचना नहीं दी गयी. सूखा राशन वितरण में अंचलाधिकारी का मनमाना रवैया अब तक बना हुआ है. प्रभावित प्रखंडों को उचित मात्रा में राशन उपलब्ध नहीं कराया गया. इस कारण बड़ी संख्या में लोग अब भी राहत से वंचित हैं. राहत सामग्री के खरीदारी के लिए गठित जिला क्रय समिति में उन्हें शामिल तक नहीं किया गया. वैसे परिवार जिनका नाम एसइसीसी सूची में दर्ज नहीं उनका अब तक राहत से वंचित होने का मामला बैठक में उठाया गया. जिप अध्यक्ष आफताब अजीम इस संबंध में व्यक्तिगत स्तर पर जिला पदाधिकारी से बात किये जाने और संबंधित विभाग को पत्राचार कर मामला उठाये जाने का आश्वासन सदस्यों को दिया.
राहत विरतण की प्रक्रिया के संबंध में पूछे गये सवाल के जवाब में डीडीसी अमोद शरण ने कहा कि पहले चरण में बाढ़ प्रभावित सभी परिवारों को छह हजार नगद सहायता राशि के रूप में दी जायेगी. इसके लिए एसइसीसी सूची को आधार मान कर सर्वेक्षण किया जा रहा है. इसके अलावा पीडीएस दुकान में दर्ज राशन कार्ड संख्या के आधार पर सर्वेक्षित परिवार को नकद राशि आरटीजीएस के माध्यम से उपलब्ध कराया जायेगा. क्षतिग्रस्त मकानों के विषय में उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण कर्मी बाढ़ के कारण पूर्ण व आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कच्चे व पक्के मकान की सूची प्रशासन को सौंपेंगे. इसके आधार पर सरकार से राशि की मांग की जायेगी.
बैठक में जिप उपाध्यक्ष जुगनू परवीण, डीआरडीए निदेशक विद्यानंद सिंह, डीएओ मनोज कुमार, सीएस एनके ओझा, जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ एमए रहमान, जिप सदस्य नीलम सिंह, रेखा देवी, आसमां खातून, गुलशन आरा, शहनवाज अख्तर, आकाश राज, प्रखंड प्रमुख अररिया शमशाद आलम, विजय यादव, भाषणी देवी, रौनक अफरोज, काली पासवान व अन्य मौजूद थे.
