क्राइम . गीतवास व आसपास में अपराधियों की सक्रियता हो गयी है तेज
19 जून 2008 को गीतवास में ही उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक से दस लाख रुपये की लूट हुई थी. वहीं शुक्रवार 25 अगस्त 2017 को गीतवास के एसबीआइ शाखा से लगभग चार लाख रुपये लूटने में अपराधी सफल रहे.
रानीगंज : आठ साल बाद गीतवास में अपराधियों की बेखौफ करतूत एक बार फिर सामने आयी है. सुरक्षा को ताक पर रख कर अपराधी अपने मंसूबे को कामयाब बनाने में सफल रहे. पहले उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक अब एसबीआइ शाखा में लूट की घटना हुई है. इतना ही नहीं रानीगंज थाना क्षेत्र में आठ वर्षों के अंतराल पर बैंक लूट की दोनों ही घटना गीतवास में ही सामने आयी है. मालूम हो कि 19 जून 2008 को उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक के गीतवास शाखा से एक मोटरसाइकिल से आये चार अपराधियों ने हथियार के बल पर दस लाख रुपये लूट लिये थे. इस घटना को लेकर तत्कालीन शाखा प्रबंधक घनश्याम चौधरी ने रानीगंज थाना में चार अज्ञात अपराधियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इस घटना को लेकर थाना में कांड संख्या 139/08 दर्ज की गयी थी.
घटना तिथि के दूसरे ही दिन फारबिसगंज स्थित रेड लाइट एरिया से स्थानीय पुलिस के सहयोग से रानीगंज पुलिस ने दो अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता पायी थी. गिरफ्तार अपराधी नेपाल के झापा जिला अंतर्गत गौरी थाना क्षेत्र स्थित देवीगंज गांव निवासी गयानंद यादव उर्फ नेपाली व सिकटी थाना क्षेत्र अंतर्गत खौरागाछ निवासी शंकर ठाकुर के पास से पुलिस ने लूट के पांच-पांच हजार रुपये बरामद किये थे.
पूछताछ में दोनों अपराधियों ने न केवल इस घटना में अपनी संलिप्तता जाहिर की थी, बल्कि रानीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत कुपाड़ी गांव के दो कथित अपराधी के इस घटना में शामिल होने की बात भी पुलिस को बतायी थी. 22 जून को पुलिस ने गयानंद व शंकर को जेल भेज दिया था. वहीं पुलिस के दबाव के कारण विभिन्न मामले में वांछित कुपाड़ी के दोनों अपराधियों ने 27 जून को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था. संबंधित चारों अपराधियों के विरुद्ध पुलिस ने 19 सितंबर 08 को सीएस संख्या 238/08 के माध्यम से आरोपित किया था. वहीं शुक्रवार को गीतवास के एसबीआइ शाखा में हुए लूट के मामले में पांच अपराधियों की संलिप्तता तत्काल जाहिर हुआ है. घटना के बाद चार अपराधियों को लोगों ने एक ही मोटरसाइकिल से भागते हुए देखा, जबकि एक अपराधी बैंक से निकलने के बाद कहां गायब हो गये. इसकी भनक किसी को नहीं लग पायी. कहीं न कहीं स्थानीय सूत्रधार के इशारे पर घटना को अंजाम दिये जाने की चर्चा आम है. बहरहाल, एक के बाद गीतवास में ही अपराधियों द्वारा बैंक को निशाना बनाये जाने से समय के साथ इस क्षेत्र में अपराधियों की सक्रियता तेज होने की बात से इनकार नहीं किया जा सकता है.
लूट की घटना से बैंककर्मी व ग्राहकों में हड़कंप
एसबीआइ के गीतवास शाखा में लूट की घटना से एक तरफ जहां बैंक कर्मी व ग्राहकों के बीच दहशत का माहौल था. इस घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप है. इस घटना में संलिप्त अपराधियों को पकड़ने के प्रयास में पुलिस के वरीय से लेकर कनीय अधिकारी सजग हो गये हैं. जगह-जगह मोटरसाइकिल जांच से लेकर अपराधियों के भागने की दिशा में निगहबानी तेज हो गयी है. एसपी धूरत शायली स्वयं अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधिकारियों के साथ जगह-जगह छापामारी के लिए प्रयासरत हैं. कुल मिला कर रानीगंज व बौंसी थाना सहित जिला के विभिन्न थाना क्षेत्र में अपराधियों की धड़-पकड़ के लिए अभियान तेज हो गया है. वहीं इस घटना से बैंक की सुरक्षा में कहीं न कहीं चूक की बात सामने आ रही है. एक चौकीदार के भरोसे बैंक की सुरक्षा हो रही है. मालूम हो कि एसबीआइ के गीतवास शाखा की सुरक्षा के लिए रानीगंज थाना के दो चौकीदार गयानंद पासवान व राणा पासवान को प्रतिनियुक्त किया गया है. हाल ही में कुछ दिनों से राणा पासवान छुट्टी पर हैं. गयानंद अकेले ही एक मात्र लाठी के सहारे बैंक की सुरक्षा में लगे थे. अपराधियों के आधुनिक हथियार के आगे चौकीदार की लाठी कमजोर पड़ गयी.
