पोक्सो एक्ट के तहत आरोपी को दस वर्ष का सश्रम कारावास

सुपौल जिले के कर्जेन गांव की रहने वाली थी पीड़िता अररिया : स्थानीय व्यवहार न्यायालय के प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह पोक्सो एक्ट के स्पेशल न्यायाधीश रमाकांत यादव ने स्पीडी ट्रायल के तहत ढाई वर्ष पूर्व घटित दुष्कर्म का मामला प्रमाणित होने पर एक आरोपी को दस वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनायी […]

सुपौल जिले के कर्जेन गांव की रहने वाली थी पीड़िता

अररिया : स्थानीय व्यवहार न्यायालय के प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह पोक्सो एक्ट के स्पेशल न्यायाधीश रमाकांत यादव ने स्पीडी ट्रायल के तहत ढाई वर्ष पूर्व घटित दुष्कर्म का मामला प्रमाणित होने पर एक आरोपी को दस वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. आरोपी कपिलदेव मेहता नरपतगंज पथरदेवा गांव के रहने वाले हैं.
न्यायाधीश ने आरोपी को कारावास की सजा के अलावा पचास हजार रुपये का अर्थ दंड भी सुनाया है. राशि जमा नहीं करने पर आरोपी को एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतने का भी आदेश दिया है. पोक्सो एक्ट के स्पेशल पीपी श्याम लाल यादव ने जानकारी दी कि 12 मार्च 2015 को एक किशोरी को घर में घर में अकेली पाकर आरोपी ने दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया. पीड़िता सुपौल जिले के कर्जेन गांव की रहने वाली थी. जो अपने मौसा के घर पथरदेवा आई हुई थी. इसी क्रम में आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था.
मिला 5.10 लाख का चेक
क्रिमिनल इन्जूरियस कंपनसेशन बोर्ड के तहत दो अवयस्क पोक्सो पीड़ताओं को बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेन्द्र कुमार तिवारी द्वारा पांच लाख दस हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया. इनमें भरगामा थरुआपट्टी की पीड़िता को तीन लाख रुपये बौंसी थाना की धोबनिया गांव की पीड़िता को दो लाख दस हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया. इस मौके पर तदर्थ एडीजे विश्वनाथ, प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमाकांत यादव सहित जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव कुमार अमित मनु उपस्थित थे.

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