राजस्व वसूली में उदासीनता बनी सेवा समाप्ति की वजह
निजी कंपनी को सौंपी गयी ग्रामीण इलाकों में विद्युत बिल संग्रह की जिम्मेदारी
अररिया : ग्रामीण इलाकों में बकाया बिजली बिल के संग्रह की प्रक्रिया में विभाग ने बड़ा बदलाव किया है. इसके तहत ग्रामीण इलाकों में बिजली बिल संग्रहण के लिए जिम्मेदार आरआरएफ रूरल रेवेन्यू फ्रेंचाइजी की सेवा समाप्ति की प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है. बताया जाता है कि ग्रामीण क्षेत्र में बकाया बिजली बिल की वसूली में होने वाली देरी को दूर करने के लिए विभाग ने यह कदम उठाया है. विभागीय फैसले के मुताबिक ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली बिल संग्रह की जिम्मेदारी बंगाल के मेगा केलीवर कंपनी प्राइवेट लीमिडेट को इसकी जिम्मेदारी सौंप दी गयी है. हालांकि कंपनी ने अररिया सब डिवीजन में फिलहाल अपना काम आरंभ नहीं किया है.
उम्मीद के मुताबिक अगस्त माह के शुरूआती सप्ताह से कंपनी अपना काम करने लगेगी. गौरतलब है कि फारबिसगंज सब डिवीजन के ग्रामीण इलाकों में बिल संग्रह के लिए आरआरएफ की सेवा बहाल रहेगी.
बिल संग्रह में लापरवाही बना सेवा समाप्ति की वजह
ग्रामीण इलाकों के बकाया बिजली बिल का संग्रहण विभाग के लिए हमेशा चुनौती भरा रहा है. खपत के आधार पर बिल का संग्रहण नहीं हो पाने के कारण विभाग को हर माह बड़ा नुकसान झेलना पड़ रहा था. इसकी समीक्षा के लिए नॉर्थ पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी प्राइवेट लीमिडेट के उच्च स्तरीय अधिकारियों की बैठक हाल ही में आयोजित की गयी. इसमें ग्रामीण क्षेत्र से प्राप्त होने वाले राजस्व की समीक्षा की गयी. समीक्षा में पाया गया कि कुछ इलाकों में राजस्व संग्रहण में आरआरएफ का प्रदर्शन बेहद खराब पाया गया. जिले के ही दो विद्युत सब डिवीजन में इसे लेकर बड़ा अंतर पाया गया. फारबिसगंज अनुमंडल में आरआरएफ का प्रदर्शन बेहतर पाया गया. फारबिसगंज में बिल संग्रहण का प्रतिशत 62.5 प्रतिशत था. वहीं अररिया में यह महज 41.5 प्रतिशत ही पाया गया. इसके बाद कंपनी के शीर्ष अधिकारी ने अररिया सब डिवीजन में आरआरएफ की जगह बिल संग्रह की जिम्मेदारी निजी कंपनी के हाथों में सौंपने का निर्णय लिया.
