अच्छी बारिश के कारण किसान असिंचित जमीन पर भी कर रहे खरीफ की बोआई
अररिया : माानसून के शुरुआती दिनों में ही जिले भर में हो रही मूसलाधार बारिश के बाद इस वर्ष जिले में धान के बंपर पैदावार की उम्मीद बढ़ गयी है. बेहतर बारिश को किसान धान की खेती के लिए उपयुक्त मानते हैं. ऐसे ही अगर बारिश होती रही तो इस बार खरीफ की खेती किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है. अच्छी बारिश के कारण किसान असिंचित जमीन पर भी खरीफ की बुआई का रिस्क ले रहे हैं. इससे जिले में खरीफ आच्छादन का रकवा काफी बढ़ जायेगा.
ज्यादा भूभाग में खेती होने से धान की बंपर पैदावार की उम्मीद को नकारा नहीं जा सकता है. अच्छी बारिश से किसानों को लाभ पहुंच रहा है. एक तो समय पर खेतों में धान की बुआई हो पा रही है. साथ ही खेतों में बुआई से पहले किसानों को पटवन का सहारा नहीं लेना पड़ रहा है. इससे उत्पादन लागत के काफी कम रहने की उम्मीद है.
अच्छे मानसून के कारण खेतीहर इलकों में धान बुआई का सिलसिला जोर पकड़ चुका है. खरीफ के शुरुआती दिनों में ही जिले के 30 प्रतिशत भूभाग पर बिचड़ों का आच्छादन हो चुका है. बेहतर फसल के लिहाज से कृषि विशेषज्ञ इसे माकूल मान रहे हैं.
93 हजार हेक्टेयर में है खरीफ का लक्ष्य
जिला कृषि विभाग को इस बार 93 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ की बुआई का लक्ष्य प्राप्त है. शुरुआती दिनों के नतीजों से स्पष्ट है कि इस बार बुआई का रकवा निर्धारित लक्ष्य से अधिक हो सकता है. खरीफ की मुख्य फसल धान की उत्पादकता काफी हद तक बारिश पर निर्भर है. अच्छी बारिश के कारण धान आच्छादन का रकवा निर्धारित लक्ष्य से 20 से 30 प्रतिशत अधिक रहने की उम्मीद जाहिर की जा रही है. बुआई का रकवा बढ़ने से उत्पादन में बढ़ोतरी की उम्मीद है
. इसके साथ ही इस फसल के उत्पादन में इस बार किसानों की लागत भी काफी कम रहने की संभावना है. ऐसे में कृषि विभाग के लिए दो लाख 30 हजार 120 मीट्रिक टन खरीफ फसल के उत्पादन का लक्ष्य हासिल करना फिलहाल मुश्किल नहीं लग रहा है.
