पुल निर्माण एजेंसी बरती रही है शिथिलता
बारिश ने बढ़ायी राहगीरों की परेशानी
अररिया : अररिया शहर का प्रवेश मार्ग ही एनएचआइ 327 ई के संवेदक की लापरवाही व सुस्ती के कारण जीरोमाइल से चांदनी चौक जाना दुष्कर हो गया है. अररिया वर्मा सेल पंप से दक्षिण कोसी धार में बने आरसीसी पुल को तोड़ कर उसी स्थान पर एनएचआइ के टॉपलाइन एजेंसी द्वारा डेढ़ वर्ष पूर्व से नया पुल बनाया जा रहा है, लेकिन एजेंसी के सुस्त रवैये के कारण यह पुल पिछले डेढ़ वर्षों में पूरा नहीं हो पाया है. पुल निर्माण में हो रहे विलंब का खामियाजा शहर के लोग व जिले के सुदूरवर्ती गांवों से आने वाले लोगों को उठाना पड़ रहा है. बारिश के कारण पुल के बगल में बनाया गया कच्चा डायवर्सन पैदल चलने लायक भी नहीं रह गया है. जबकि प्रतिदिन उस रास्ते से सैकड़ों छोटे बड़े वाहनों का परिचालन होता है.
कच्चा पथ होने के कारण अधिकांश वाहन सड़क में फंस जाते हैं. कभी-कभार तो वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त भी हो जाते हैं. लोगों की माने तो कार्य स्थल पर न तो एनएचआइ के संवेदक पहुंचते हैं और न ही एनएचआइ के अधिकारी ही.
जीरो माइल से जिला मुख्यालय आने का है मुख्य मार्ग, रोज गुजरते हैं हजारों लोग
यह सड़क सिकटी, जोकीहाट, पलासी, कुर्साकांटा प्रखंड के साथ-साथ पूर्णिया से आने वालों के लिए कम दूरी वाला है. कुल मिला कर जिले के पांच प्रखंड के साथ पूर्णिया व किशनगंज से जिला मुख्यालय आने वाले लोगों जिला मुख्यालय आने वाले लोगों का मुख्य मार्ग है. कुर्साकांटा, जोकीहाट, पलासी, सिकटी, अररिया आदि के पीएचसी से रेफर मरीजों को सदर अस्पताल लाने के लिए यह मुख्य मार्ग है. बावजूद इस सड़क पर बने रहे पुल के निर्माण में तेजी बरते जाने या फिर पुल के बगल में ठोस डायवर्सन बनाने को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई भी होती नहीं दिख रही है.
कहते हैं एनएचआइ के कार्यपालक अभियंता
इधर इस संबंध में पूछे जाने पर एनएचआइ के कार्यपालक अभियंता शिव शंकर कोचरी ने बताया कि उन्होंने एक दिन पहले ही पदभार संभाला है. इसलिए अभी उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है.
खास बातें
कार्य विभागएनएचआइ
एजेंसीटॉपलाइन
कार्यदो-दो स्पेन का तीन पुल
प्राक्कलनलगभग 06 करोड़
कार्यादेशफरवरी 2016
प्रशासन उठाये ठोस कदम : मुख्य पार्षद
इधर मुख्य पार्षद रितेश कुमार राय ने कहा कि डेढ़ वर्ष से काम चल रहा है. बावजूद अब तक पुल निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है. शहरवासियों का मुख्य मार्ग है. लोगों को परेशानी हो रही है. बावजूद प्रशासन एनएचआइ पर दबाव नहीं बना रही है. अगर समय रहते ही प्रशासन द्वारा ठोस कदम नहीं उठाया गया तो पुल के कारण जहां आवागमन की परेशानी बढ़ेगी. वहीं बाढ़ का खतरा भी मंडरायेगा.
पुल के कारण मंडरा रहा है बाढ़ का खतरा
शहर का मुख्य मार्ग ही नहीं बल्कि परमान नदी का पानी भी बारिश के समय में इसी कोसी धार होकर गुजरता है. पिछले वर्ष भी पुल निर्माण एजेंसी के शिथिल रवैया के कारण बाढ़ का पानी डायवर्सन तोड़कर पानी के तेज बहाव हुआ था. इसके कारण शहर के वार्ड संख्या 21,20, 27, 28 आदि वार्डों में बाढ़ का पानी अचानक लोगों के घरों में घुस आया था. जान-माल समेत नगरवासियों को लाखों के क्षति का नुकसान झेलना पड़ा था. इस बार अगर बाढ़ आयी तो फिर से लोगों के शहर में प्रवेश करने के लिए फोरलेन सड़क होकर लंबी दूरी तय कर शहर में प्रवेश करना होगा. जिस कारण समाहरणालय पथ, चांदनी चौक पथ, बस स्टैंड पथ पर वाहनों का अनावश्यक दबाव बढ़ेगा व जाम की समस्या को बढ़ेगी.
