कुछ सालों में 400 से अधिक लाइसेंस हुए रद्द
प्रशासन के पास है 762 आर्म्स का लेखा-जोखा
अब नवीकरण से पूर्व भौतिक सत्यापन जरूरी
अररियाf : जिले में आर्म्स लाइसेंस के नवीकरण के लिए शस्त्रों का सत्यापन किया जा रहा है. इससे पहले आर्म्स लाइसेंस का डाटाबेस तैयार किया गया है. इसमें लगभग 87 प्रतिशत लाइसेंस की इंट्री नेशनल डाटाबेस में हो चुकी है. यह आशंका जतायी जा रही है कि डाटा इंट्री कराने में कोताही बरतने वाले लाइसेंस धारकों का लाइसेंस रद्द हो जायेगा. जिला शस्त्र दंडाधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिला कार्यालय में कुल मिला कर 762 लाइसेंसी शस्त्रों का लेखा जोखा है. जबकि 460 के करीब अनूज्ञप्ति रद्द किये जा चुके हैं. गृह मंत्रालय के निदेश के आलोक में निर्गत आर्म्स लाइसेंस का नेशनल डाटाबेस तैयार करने का काम कमोबेश पूरा हो चुका है.
बताया गया कि कुल 663 लाइसेंस की इंट्री नेशनल डाटाबेस ऑफ आर्म्स लइसेंस में की जा चुकी है. 31 मार्च तक का ही समय लाइसेंस धारकों को अपना विवरण जमा करने का समय दिया गया था. माना जा रहा है कि जिन लाइसेंस धारकों ने इंट्री कराने में कोताही से काम लिया उनका लाइसेंस स्वत: रद्द हो जायेगा. मिली जानकारी के अनुसार पिछले कुछ सालों में जिले में शस्त्र लाइसेंस निर्गत करने में विशेष सावधानी बरती जा रही है. बताया जाता है कि पिछले लगभग दो साल में केवल चार लाइसेंस ही निर्गत हुए हैं. जबकि नवीकरण, भौतिक सत्यापन व आर्म्स क्रय में कोताही बरतने जैसे कारणों को लेकर लगभग 460 लाइसेंस रद्द किये गये हैं. जिला शस्त्र कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिले में उपलब्ध लाइसेंसी शस्त्रों में 76 रिवालवर अलावा बंदूक व राइफल हैं. अररिया थाना अंतर्गत सबसे अधिक 141 व सिमराहा थाना क्षेत्र में सबसे कम 20 लाइसेंस हैं.
आर्म्स लाइसेंस की अद्यतन स्थिति
थाना लइसेंस की संख्या डाटाबेस इंट्री
नरपतगंज 48 46
जोकीहाट 53 50
पलासी 44 42
अररिया 141 133
कुर्साकांटा 23 21
फारबिसगंज 84 69
जोगबनी 23 11
ताराबाड़ी 43 36
सिमराहा 20 19
रानीगंज 42 39
बौंसी 27 24
सिकटी 53 52
भरगामा 30 28
बदली शस्त्र लाइसेंस के आवेदन की प्रक्रिया
केंद्र सरकार ने आर्म्स लाइसेंस के लिए आवेदन की प्रक्रिया में बदलाव कर दिया है. अब सारा काम कंप्यूटर करेगा. जानकारी देते हुए जिला शस्त्र दंडाधिकारी ने बताया कि अब शस्त्र लाइसेंस के लिए दिये गये आवेदन की प्रोसेसिंग एक विशेष साफ्टवेयर करेगा. बताया गया कि आवेदन की इंट्री आर्म्स लाइसेंस इशु साफ्टवेयर यानी एलिस में की जायेगी. साफ्टवेयर ही आगे की कार्रवाई के लिए आवश्यक पत्र व निर्देश जेनरेट करेगा. दंडाधिकारी ने बताया कि सरकार के हालिया निर्देश के मुताबिक अब लाइसेंस के नवीकरण से पहले लाइसेंस धारक का भौतिक सत्यापन जरूरी है. ये सत्यापन संबंधित थाना के द्वारा किया जाना है. सत्यापन प्रतिवेदन के बाद ही लाइसेंस का नवीकरण होगा.
