पहल. आसमान के नीचे रात बिता रहे लोगों को नगर परिषद उपलब्ध करायेगा आवास
नगर विकास व आवास विभाग के निर्देश पर आश्रय विहिन व्यक्तियों का सर्वेक्षण शुरू कर दिया गया है. ये आश्रय स्थल शहरी आश्रय विहिन व्यक्तियों के लिए स्थायी तौर पर हर 24 घंटे उपलब्ध होंगे.
अररिया : नगर निकायों के अंतर्गत शहरी आश्रय विहिन व्यक्तियों का सर्वेक्षण का उद्देश्य शहरी आश्रय विहिन व्यक्तियों की जनसंख्या व उनकी श्रेणी का आकलन कर नगर निकायों द्वारा आवश्यकता अनुरूप मूलभूत सुविधाओं जैसे जलापूर्ति, सफाई व्यवस्था, सुरक्षा आदि से पूर्ण स्थायी आश्रय स्थल उपलब्ध कराना है.
ये आश्रय स्थल शहरी आश्रय विहिन व्यक्तियों के लिए स्थायी तौर पर हर 24 घंटे उपलब्ध होंगे. सर्वेक्षण के आधार पर विशिष्ट संवेदनशील वर्गों जैसे कि आश्रतों, महिलाओं, बुजुर्गों, दिव्यांगों, मानसिक रोगियों व गंभीर रूप से बीमार लोगों के लिए विशेष भवनों का निर्माण कर एवं विशेष सेवाओं तक उनकी पहुंच को भी सुनिश्चित करना है. सर्वेक्षण डाटा प्राप्त होने के बाद विभाग का यह चाह रहा है कि भविष्य में रोड मैप तैयार कर उनके लिए राशि एवं आधार भूत संरचना का आकलन किया जा सके.
एएलएफ व सीएलएफ करेगा सर्वेक्षण
नगर निकाय द्वारा डे एनयूएलएम योजना के अधीन गठित स्वयं सहायता समूहों के नगर स्तरीय संगठन एएलएफ व सीएलएफ सर्वेक्षण का कार्य करेंगे. बताया गया कि विभाग द्वारा उपलब्ध कराये गये सर्वेक्षण प्रपत्र में सर्वेक्षण का कार्य इनके द्वारा संपादित किया जायेगा. सर्वेक्षण कार्य में लगाये जा रहे सर्वेयर की संख्या का आकलन नगर निकायों द्वारा प्रत्येक पांच वार्ड पर दो सर्वेयर के आधार पर या स्थानीय आवश्यकता के अनुरूप कार्यपालक पदाधिकारी द्वारा तय किया जा सकता है. एक सर्वेयर को प्रतिदिन 25-30 शहरी निराश्रितों का सर्वे कार्य पूरा करना होगा. सर्वेक्षण कार्य में नगर मिशन प्रबंधक पूर्ण रूप से सर्वेयर के साथ समन्वय करेंगे तथा उनके कार्यों का पर्यवेक्षण भी करेंगे. सर्वेक्षण कार्य में लगाये गये सर्वेयर को प्रति सर्वेक्षण 25 रुपये का भुगतान नगर निकायों द्वारा डे एनयूएलएम के तहत उपलब्ध राशि से किया जायेगा. सर्वेक्षण कार्य को जहां एक माह के अंदर समाप्त करने का निर्देश नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव द्वारा दिया गया है. वहीं सर्वेक्षणोपरांत नगर निकाय द्वारा दस दिनों के अंदर शहरी निराश्रितों से संबंधित सूचनाओं को ऑनलाइन प्रविष्ट करने का दायित्व नगर मिशन प्रबंधक को सौंपा गया है.
आश्रय विहिन व्यक्तियों के सर्वेक्षण का होगा आधार
ऐसे व्यक्ति जिनके पास ना तो अपना और ना ही किराये का मकान है. जो सड़क मार्जिन, फुटपाथ, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, पार्क, पुल के नीचे, कंस्ट्रक्शन साइट, खुले आसमान के नीचे या ऐसे स्थान जो मानव आश्रय के लिए अयोग्य हो, वहां रह रहे हों. शहरी निराश्रितों में वे लोग भी शामिल होंगे जो रोजगार के कारण स्थानांतरित हो रहे हैं. जैसे रिक्शा चालक, ठेला चालक, थोक बजार या मंडी में काम करने वाले मजदूर, मानसिक रूप से बीमार, मंद बुद्धि, भिक्षुक, फुटपाथ विक्रेता, स्ट्रिट चिल्ड्रेन, परित्यक्ता, वयोवृद्ध, बूजुर्ग, दिव्यांग आदि शामिल हैं. संबंधित नगर निकाय के नगर मिशन प्रबंधक सर्वेयर के साथ समन्वय स्थापित कर पर्यवेक्षण का कार्य करेंगे. जबकि प्रस्तावित सर्वेक्षण कार्य के नोडल पदाधिकारी कार्यपालक पदाधिकारी होंगे.
