सम्मेलन. धृतराष्ट्र की तरह आंख पर पट्टी बांधे बैठे हैं नीतीश बाबू:साध्वी निरंजन
सबका साथ सबका विकास सम्मेलन में केंद्रीय खाद्य व प्रसंस्करण राजमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार के समय में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है. और यहां शिक्षा का ग्राफ गिर रहा है.
अररिया : पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने सर्व शिक्षा अभियान लाकर बच्चों के पढ़ने के लिए स्कूल बनवाया. लेकिन बिहार में आज भी बच्चे पेड़ों के नीचे पढ़ रहे हैं. प्रारंभिक शिक्षा के क्षेत्र में बिहार का परिणाम लगातार खराब हो रहा है. बिहार जो कि देश में क्षेत्र के क्षेत्र में अग्रणी माना जाता रहा है, पर यहां शिक्षा का ग्राफ गिर रहा है. यह बातें शनिवार को जैन तेरापंथ भवन में आयोजित सबका साथ सबका विकास सम्मेलन में केंद्रीय खाद्य व प्रसंस्करण राजमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने कही.
उपस्थित जन सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के समय में अपराध का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है. क्योंकि सत्ता के प्रमुख घटक दल के बड़े नेता लालू जी जेल में बंद शहाबुद्दीन से दूरभाष पर बात करते हैं तो फिर अपराध पर लगाम लगा पाना कहां तक मुमकिन होगा. उनके परिवार के सदस्यों का नाम लगातार घोटालों में आ रहा है. उन्होंने कहा कि नीतीश बाबू धृतराष्ट्र की तरह आंख पर पट्टी क्यों बांध कर बैठे हैं. उन्होंने कहा कि अगर राज्य का बेहतर करना है तो बिहार में परिवर्तन लाना होगा.
इस मौके पर पूर्व सांसद प्रदीप कुमार सिंह, जिलाध्यक्ष संतोष सुराना, पूर्व जिलाध्यक्ष आलोक भगत, विधायक विद्यासागर कैसरी उर्फ मंचन कैसरी, पूर्व विधायक आनंदी प्रसाद यादव, परमानंद ऋषिदेव, भाजयुमो के जिलाध्यक्ष बिजली सिंह, समर सिंह, विमल सिंह, मेदनी कृष्ण उर्फ टीपू यादव, पूर्व पार्षद वीणा देवी आदि ने साध्वी निरंजन ज्योति को बूके देकर सम्मनित किया. मौके पर विधायक विजय कुमार मंडल, मनोज सिंह, सुरेंद्र झा, पूर्व मुखिया राकेश विश्वास, इजहार अंसारी आदि मौजूद थे.
स्वास्थ्य सेवाओं पर किया प्रहार
केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा बिहार में अपराध तो बढ़ा ही है साथ ही स्वास्थ्य के क्षेत्र में बिहार का प्रदर्शन बेहद खराब हुआ है. मरीजों को दवा नहीं मिल पा रहा है. सबसे बुरा तो यह है कि अपनी मृत मां के शव को एक बेटा बाइक पर बिठाकर घर ले जाता है.
केंद्र प्रायोजित योजनाओं का लाभ धरातल पर नहीं
साध्वी नीरंजन ज्योति ने राज्य सरकार पर केंद्र प्रायोजित योजनाओं का लाभ धरातल पर नहीं उतारे जाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि गरीबों के हितों की बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करते हैं. जिन्होंने 105 जन कल्याणकारी योजनाओं को लाया जो सबका साथ सबका विकास के दिशा में काम कर रहा है. पांच हजार से पांच लाख तक के ऋण महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लाये गये हैं. जबकि दस हजार से दस लाख के मुद्रा ऋण योजना के तहत बेरोजगार युवक अपना रोजगार चला सकते हैं.
उन्होंने कहा कि अगर कोई बैंक ऋण देने से अनाकानी करता है तो वह आवदेन लिखकर उन तक पहुंचायें, वैसे बैंकों के विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी. सीधे तौर पर पांच करोड़ महिलाओं को उज्जवला योजना के तहत गैस सब्सिडी का लाभ पहुंचाये जाने की योजना है. जिसका लाभ महिलाओं को मिलना शुरू हो गया है.
