लगातार हो रही बारिश से उत्तर बिहार में गहराया बाढ़ का खतरा, कोसी-गंडक सहित सभी नदियां उफान पर

Bihar Flood News : उत्तर बिहार के जल अधिग्रहण क्षेत्र में बीते दो दिनों से लगातार हो रही बारिश से कोसी-गंडक सहित सभी छोटी-बड़ी नदियों के जलस्तर में जोरदार वृद्धि हुई है. जिससे बाढ़ का खतरा गरहा गया है.सभी नदियों के जलग्रहण क्षेत्र नेपाल में हो रही लगातार बारिश के कारण यह वृद्धि दर्ज की गई है.

पटना. बीते दो दिनों से लगातार हो रही बारिश की वजह से उत्तर बिहार से होकर बहने वाली कोसी-गंडक, महनंदा, बागमती में बाढ़ का खतरा गहरा गया है. इन नदियों के जलस्तर में वृद्धि हुई है. पूर्वी चंपारण जिले में सर्वाधिक वृद्धि गंडक नदी में दर्ज की गई है. गत सोमवार को पश्चिमी चंपारण जिले के वाल्मीकिनगर बराज से गंडक नदी के डाउनस्ट्रीम में 97 हजार क्यूसेक व मंगलवार को 1 लाख 23 हजार 400 पानी डिस्चार्ज होने के बाद डुमरियाघाट मे गंडक में पानी का जलस्तर 61.720 मीटर तक पहुंच गया है. इसकी वजह से संग्रामपुर अरेराज और केसरिया प्रखंड के निचले इलाको मे पानी भरने लगा है.

अगले तीन दिनो तक मध्यम व तेज बारिश के अनुमान

मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनो तक मध्यम व तेज बारिश के अनुमान के बाद गंडक नदी के जलस्तर में कमी आने की संभावना नहीं है. कमोबेश यही स्थिति बूढी गंडक,बागमती और लालबकेया नदी मे देखने को मिल रही है. जिला आपदा कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार बागमती गुआबारी मे 69.011मीटर पर बह रही है. जो विगत दिनों में दो मीटर ज्यादा है. जबकि बूढी गंडक लालबेगिया में 56.460 मीटर तक बह रही है. वही लालकेया नदी फुलवरिया घाट मे 57.010 मीटर पर बह रही है. जिला आपदा समार्हत्ता अनिल कुमार और आपदा प्रभारी अमृता कुमारी ने बताया कि जिले के बाढ संभावित सभी अंचलो के अधिकारी नदियो की स्थिति पर नजर बनाये हुए है. सभी को बाढ के मद्देनजर सतर्क रहने को कहा गया है.

महानंदा नदी ने आजमनगर में खतरे के निशान को किया पार

कटिहार जिले से होकर गुजरने वाली गंगा, महानंदा, कोसी एवं ब्रांडी नदियों से जलस्तर में उतार चढ़ाव जारी है. बीते 24 घंटे में महानंदा नदी आजमनगर और धबौल में खतरे के निशान को पार कर गया है. महानंदा की जलस्तर में वृद्धि होने से तटवर्ती क्षेत्रों के कई गांवों में पानी भर गया है और आवागमन बाधित है. आजमनगर प्रखंड क्षेत्र के चौलहर पंचायत अंतर्गत चांदपुर बैरिया सहित कई गांव बाढ़ के चपेट में आ गया है. बुधवार सुबह बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, कटिहार कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार महानंदा नदी आजमनगर में खतरे के निशान 29.89 मी. को पार कर 30.10 पर बह रही है. इसी तरह झौआ में चेतावनी की निशान 30.80 मी. से बढकर 31.15 मी., बहरखाल में 30.48 मी. से बढ़कर 31.07, धबोल में 28.65 मी. से बढ़करर 29.26, कुर्सेल में 30.78 मी. से बढ़कर 31.20, दुर्गापुर में 27.44 मी. से बढ़कर 27.75, तथा गोविंदपुर में 26.52 मी. से घटकर 25.71 मी. पर बह रही है.

गंगा नदी चेतावनी निशान से फिलहाल नीचे

जिले में कुर्सेला, मनिहारी व अमदाबाद प्रखंड से होकर गुजरने वाली गंगा नदी की जलस्तर में कमी दर्ज की गई है परंतु अभी भी धार के किनारे बसे हुए लोगों में कटाव को लेकर भय का माहौल बना हुआ है. गंगा नदी रामायणपुर में चेतावनी की निशान 26.65 मी. से नीचे 23.07 मी. तथा काढ़ागोला घाट में 28.96 मी. से से नीचे 25.65 मी. पर बह रही है. जबकि ब्रांडी नदी एनएच-31 डूमर के पास चेतावनी की निशान 28.96 मी. से नीचे 27.94 मी., कारी कोशी चैन 389 के पास 27.13 मी. से नीचे तथा कोसी नदी कुर्सेला रेलवे ब्रिज के पास 29.50 मी. से नीचे 25.70 मी. पर बह रही है. इस बीच बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के अनुसार जिले के सभी तटबंध सुरक्षित और जिला प्रशासन 24 घंटे बाढ़ को लेकर अलर्ट मोड में है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >