बिहार में चार हजार आंगनबाड़ी केंद्रों के बनेंगे भवन, मनरेगा की ओर से होगा निर्माण, जानें कितने रुपए होंगे खर्च…

Aanganbadi Kendra: राज्यभर में 4000 आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन बनाए जाएंगे. मनरेगा की ओर से इन आंगनबाड़ी केंद्रो के भवन का निर्माण किया जाएगा. इस पर कुल चार अरब 80 करोड़ रुपए खर्च होंगे.

Aanganbadi Kendra: राज्यभर में 4000 आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन बनाए जाएंगे. मनरेगा की ओर से इन आंगनबाड़ी केंद्रो के भवन का निर्माण किया जाएगा. इस पर कुल चार अरब 80 करोड़ रुपए खर्च होंगे. जिलावार लक्ष्य निर्धारित कर भवन निर्माण होंगे. एक आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण पर 12 लाख रुपए खर्च किया जाएगा. इसमें आठ लाख मनरेगा, दो लाख पंचायती राज और दो लाख समाज कल्याण विभाग से खर्च होंगे.

इस राशि में बढ़ोत्तरी का भी प्रस्ताव है. फिलहाल 12 लाख रुपए की ही स्वीकृति है. विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि लागत बढ़ने के कारण इसमें लगभग दो लाख रुपए और बढ़ाये जाने की संभावना है.

ये भी पढ़ें: स्वच्छता सर्वे में थ्री स्टार रैंकिंग के लिए पटना नगर निगम का रोडमैप तैयार, जानें कैसी है तैयारी?

जमीन उपलब्ध होना बड़ी चुनौती होगी

चार हजार आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण में जमीन उपलब्ध होना टेढ़ी खीर है. पहले ही जमीन के अभाव में आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कार्य बड़े पैमाने पर पेंडिंग है. अब इन चार हजार आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए जमीन मुश्किल से ही उपलब्ध हो पाएगी. जिलाधिकारियों को जमीन उपलब्ध करवानी है.

नौ साल में दो हजार में सात सौ भवन बने

वर्ष 2015-16 में मनरेगा से दो हजार आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण होना था. इसमें अब तक लगभग सात सौ आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन ही बनकर तैयार हुए हैं. कहीं जमीन उपलब्ध नहीं हो पाई तो कहीं जमीन अधिक गड्ढे में रहने के कारण आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन का निर्माण नहीं हो सका.

ये भी पढ़ें: बिहार का एक ऐसा गांव जहां आज भी बसते हैं श्री कृष्ण, उनकी बांसुरी की मधुर तान से मंत्रमुग्ध हो जाते हैं ग्रामीण…

सेविका-सहायिका भी नहीं चाहतीं सरकारी केंद्र

ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि केंद्र की स्वीकृति मिल जाने के बाद सेविका-सहायिका सरकारी भवन में केंद्र का संचालन नहीं चाहती हैं. सरकारी भवन में केंद्र संचालित होने से नियम से खोलना और बंद करना पड़ेगा. कई केंद्र सहायिका-सेविका के घर में ही चलते हैं, इससे किराया का पैसा अलग से मिल जाता है. इन्हीं कारणों से वे सरकारी भवन में केंद्र संचालित होने के लिए सक्रिय नहीं होती हैं.

सीएम योगी के ‘बंटेंगे तो कटेंगे’ वाले बयान पर ओवैसी का पलटवार

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >