सूचना नहीं देना पड़ा पंचायत सचिव को महंगा

ब्रrापुर(बक्सर). प्रखंडकीमहुआर पंचायत के पंचायत सचिव को सूचना नहीं देना महंगा साबित हुआ. इसे लेकर राज्य सूचना आयोग ने दो मामलों में अलग-अलग 25-25 हजार रुपये का फाइन लगाया है. जिसे पांच किस्तों में कोषागार के माध्यम से जमा कराने का निर्देश दिया गया है. इस तरह की सूचना मिलते ही अन्य सूचना न देने […]

ब्रrापुर(बक्सर).
प्रखंडकीमहुआर पंचायत के पंचायत सचिव को सूचना नहीं देना महंगा साबित हुआ. इसे लेकर राज्य सूचना आयोग ने दो मामलों में अलग-अलग 25-25 हजार रुपये का फाइन लगाया है. जिसे पांच किस्तों में कोषागार के माध्यम से जमा कराने का निर्देश दिया गया है. इस तरह की सूचना मिलते ही अन्य सूचना न देने वाले पंचायत सचिव, पदाधिकारी एवं कर्मियों में खलबली मच गयी है. जानकारी के मुताबिक महुआर पंचायत के एकडाढ़ गांव निवासी गोपाल सिंह ने 21 नवंबर 2011 को गांव के कुंदन साह के घर के सामने मिट्टी भराई एवं ईंट सोलिंग एवं 30 जनवरी 2012 को वित्तीय वर्ष 2009-12 के बीच के पंचायत के मदों एवं योजनाओं के तहत राशि आवंटन की सूचना तत्कालीन पंचायत सचिव लाल बहादुर यादव से मांगी थी. किंतु दो वर्ष बीतने के बावजूद भी पंचायत सचिव लाल बहादुर यादव ने सूचना के अधिकार के तहत सूचना देना मुनासिब नहीं समझा. गोपाल सिंह ने राज्य सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाया आखिरकार आयोग ने फैसला गोपाल सिंह के पक्ष में सुनाया. राज्य सूचना आयोग ने अपनी बात रखने के लिए पंचायत सचिव को कई दफा मौका दिया किंतु एक बार भी आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं हुए. जिस पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने प्रथम अपीलीय प्राधिकार सह प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं लोक सूचना पदाधिकारी सह पंचायत सचिव को राशि जमा करने का निर्देश दिया है. इस आदेश का प्रतिलिपि जिला पदाधिकारी बक्सर एवं कोषागार पदाधिकारी बक्सर को आवश्यक कार्रवाई के लिए आयोग ने भेजा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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