बुनियादी उद्योगों के उत्पादन में लगातार 7वें महीने गिरावट, नेचुरल गैस से लेकर सीमेंट तक क्षेत्रों में रहा खराब प्रदर्शन

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से गुरुवार 29 अक्टूबर 2020 को जारी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में मुख्य रूप से कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद और सीमेंट क्षेत्रों के खराब प्रदर्शन की वजह से बुनियादी उद्योगों के उत्पादन में गिरावट आई. हालांकि, इस दौरान कोयला, बिजली और इस्पात क्षेत्रों के उत्पादन में बढ़ोतरी दर्ज हुई है.

नई दिल्ली : आठ बुनियादी उद्योगों के उत्पादन में गिरावट का सिलसिला सितंबर में लगातार सातवें महीने जारी रहा. कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद और सीमेंट क्षेत्रों के खराब प्रदर्शन से सितंबर में बुनियादी उद्योगों के उत्पादन में सालाना आधार पर 0.8 फीसदी की गिरावट आई है. हालांकि, बुनियादी उद्योगों के उत्पादन में यह मार्च के बाद सबसे कम गिरावट है. सितंबर, 2019 में बुनियादी उद्योगों के उत्पादन में 5.1 फीसदी की गिरावट आई थी.

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से गुरुवार 29 अक्टूबर 2020 को जारी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में मुख्य रूप से कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद और सीमेंट क्षेत्रों के खराब प्रदर्शन की वजह से बुनियादी उद्योगों के उत्पादन में गिरावट आई. हालांकि, इस दौरान कोयला, बिजली और इस्पात क्षेत्रों के उत्पादन में बढ़ोतरी दर्ज हुई है.

आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही अप्रैल-सितंबर के दौरान आठ बुनियादी उद्योगों का उत्पादन पिछले साल इसी अवधि की तुलना में 14.9 फीसदी घटा है. इससे पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही में आठ बुनियादी उद्योगों का उत्पादन 1.3 फीसदी बढ़ा था. सितंबर में कच्चे तेल के उत्पादन में छह फीसदी की गिरावट आई.

इसके अलावा, प्राकृतिक गैस का उत्पादन 10.6 फीसदी, रिफाइनरी उत्पादों का उत्पादन 9.5 फीसदी, उर्वरक का 0.3 फीसदी तथा सीमेंट का उत्पादन 3.5 फीसदी नीचे आया. वहीं, समीक्षाधीन महीने में कोयला क्षेत्र के उत्पादन में 21.2 फीसदी की वृद्धि हुई. इस्पात क्षेत्र का उत्पादन 0.9 फीसदी और बिजली का उत्पादन 3.7 फीसदी बढ़ गया.

इक्रा लिमिटेड की प्रमुख अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि बुनियादी उद्योगों के प्रदर्शन में सितंबर में उल्लेखनीय सुधार का कारण आधार प्रभाव की वजह से कोयला उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी है. सितंबर 2019 में भारी बारिश और श्रम मुद्दों की वजह से कोयला उत्पादन प्रभावित हुआ था.

उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के बाद आवाजाही में सुधार से रिफाइनरी उत्पादों के उत्पादन में सितंबर में गिरावट आधी रह गई है. यह एक उत्साहवर्धक संकेत हैं, जो निकट भविष्य में जारी रहेगा. आठ बुनियादी उद्योगों का औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) में भारांश 40.27 फीसदी है.

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Posted By : Vishwat Sen

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