संवाददाता, छपरा (सदर)
जिला ग्रामीण विकास अभिकरण में सारण के प्रबंध परिषद की बैठक 20 माह बाद हुई. सारण सभागार में हुई बैठक में गत बैठक की संपुष्टि के साथ-साथ वित्तीय वर्ष 2011-12, 12-13 तथा 13-14 के लिए आय-व्यय की समीक्षा कर अनुमोदन किया गया. बैठक की अध्यक्षता जिला पर्षद के कार्यकारी अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद राय ने की. बैठक में डीआरडीए के संविदा पर नियुक्त कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाने, सुनिश्चित वृति उन्नयन, ग्रैच्यूटी के लाभ देने पर सहमति बनी. वहीं, सरकारी निर्देश के आलोक में अवकाशप्राप्त कर्मियों या अन्य को ग्रामीण विकास अभिकरण के विभिन्न पदों पर मनरेगा आदि के तहत नियोजन का निर्णय लिया गया, जिसमें नौ कार्यक्रम पदाधिकारी, 12 जेइ, नौ लेखापाल, 11 कंप्यूटर ऑपरेटर, 45 पंचायत तकनीकी सहायक तथा 125 पीआरएस के रिक्त पद भरे जायेंगे.
उन्नयन केंद्र को लेकर हुई चर्चा
वर्षो से जिले में आठ प्रशिक्षण सह उन्नयन केंद्र बनाने का कार्य अबतक अधूरा रहने या शुरू नहीं होने का मामला बैठक में उठा. इसमें बैठक के संचालनकर्ता सह डीडीसी रमण कुमार ने पूरे मामले में संबंधित जेइ, तकनीकी पदाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी. मालूम हो कि प्रत्येक प्रशिक्षण में सह उन्नयन केंद्र पर 30 लाख रुपये खर्च करने की योजना है. इसमें वर्षो बाद छह उन्नयन केंद्र का काम ही शुरू हो पाया है. दो का काम अब भी शुरू नहीं हुआ है.
बैठक के प्रति उदासीन रहे सांसद, विधायक
प्रबंध परिषद की बैठक के लिए जिला पर्षद अध्यक्ष के द्वारा सांसद व विधायकों को पत्र निर्गत किया गया था. परंतु, किसी भी विधायक व सांसद की उपस्थिति बैठक में नहीं रही. वहीं बैठक में जिला पार्षद रिंकी सहनी, दिलीप कुमार राम, अमरेंद्र कुमार, तरैया प्रमुख अनिल सिंह, सोनपुर प्रमुख सुनीला देवी, इसुआपुर प्रमुख बेबी देवी, गड़खा प्रमुख बिंदु देवी, मकेर प्रमुख सुनीता देवी बैठक में उपस्थित थे.
