पटना: भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने आज मजबूत धर्मांतरण विरोधी कानून बनाने की मांग की और आरोप लगाया कि बिहार में जीतन राम मांझी सरकार दलित समुदाय का विकास करने के अपने वादे को पूरा करने में असफल रही जिसके कारण हाल में कई जिलों के कई परिवार दूसरा धर्म अपनाने को मजबूर हुए हैं.
बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने एक बयान में कहा, ‘‘मांझी सरकार की दलितों को आवास, भोजन और सामाजिक सुरक्षा के लिए तीन डेसीमल भूमि मुहैया कराने और अन्य कल्याणकारी कदम उठाने में असफल रहने के चलते ही भागलपुर, मुंगेर, मधेपुरा और गया जिलों के कई परिवारों ने धर्मांतरण कर लिया.’’ उन्होंने दावा किया कि प्रलोभन देकर दलित परिवारों के बेरोकटोक धर्मांतरण से समाज में तनाव उत्पन्न हो सकता है. उन्होंने बिहार की जदयू सरकार से इस पर रोक लगाने के लिए एक मजबूत धर्मांतरण विरोधी कानून बनाने की मांग की.
उन्होंने गुजरात, छत्तीसगढ और राजस्थान का उदाहरण दिया और कहा कि वहां पर धर्मांतरण विरोधी कानून लागू है. बिहार प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुशील मोदी ने उन लोगों को भी आडे हाथ लिया जो कुछ दलित परिवारों द्वारा धर्मांतरण का यह कहते हुए बचाव कर रहे हैं कि वे अपने मौलिक अधिकारों का इस्तेमाल कर रहे हैं.उन्होंने कहा, ‘‘यदि यह सही है तो ऐसे में शिक्षित लोगों ने भी ऐसा किया होता.’’
