नहीं रहे कथाकार रॉबिन शॉ पुष्प

पटना: मशहूर कथा, नाटक और पटकथा लेखक रॉबिन शॉ पुष्प नहीं रहे. गुरुवार को उनका निधन हो गया. वह पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे. रॉबिन शॉ पुष्प का जन्म मुंगेर में 20 दिसंबर, 1936 को हुआ था. उनकी पहली कहानी धर्मयुग में छपी थी. रेडियो और टीवी के लिए भी उन्होंने कई […]

पटना: मशहूर कथा, नाटक और पटकथा लेखक रॉबिन शॉ पुष्प नहीं रहे. गुरुवार को उनका निधन हो गया. वह पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे.

रॉबिन शॉ पुष्प का जन्म मुंगेर में 20 दिसंबर, 1936 को हुआ था. उनकी पहली कहानी धर्मयुग में छपी थी. रेडियो और टीवी के लिए भी उन्होंने कई नाटक, कहानियां लिखी थीं. उनकी कहानियों पर बनी टीवी फिल्में रांची, मुजफ्फरपुर, रायपुर और दिल्ली दूरदर्शन पर कई बार प्रसारित हो चुकी हैं.

पटना से प्रकाशित फिल्म पत्रिका ‘चित्र साधना’ और ‘महादेश’ से भी वह लंबे अरसे तक जुड़े रहे थे. उनकी कहानियां ऊदरू, बांग्ला, पंजाबी, मलयालम, गुजराती, मराठी और मैथिली में भी अनुवादित हुई हैं. रेडियो पर प्रसारित उनका लिखा नाटक ‘ दर्द का सुख’ तो आज भी लोकप्रिय है. साहित्यकार आलोक धन्वा ने उनके निधन पर गहरा शोक जताया है. धन्वा ने मुंगेर में उनके साथ कथा लेखन की शुरुआत की थी. उन्होंने कहा है कि पुष्प जी के निधन से हिंदी कथा लेखन में बड़ी जगह खाली हो गयी.

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