पटना: सिकंदराबाद से रेलवे की परीक्षा देकर लौट रहे बिहारी छात्रों से मारपीट करने का सिलसिला सोमवार को भी नहीं थमा. सिकंदराबाद जंकशन के बाद अब विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम, इंदूर, नाहालैंड, पलास, गुंटूर के अलावा अन्य जंकशनों पर जीआरपीएफ और आंध्र पुलिस ट्रेन को रोक-रोक कर बिहारी परीक्षार्थियों को पीट रही है. विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम में स्थिति सिकंदराबाद से भी ज्यादा खराब हो गयी है. छात्रों ने प्रभात खबर को फोन कर बताया कि हरेक कोच में 10-15 पुलिस वाले प्रवेश कर बिहारी छात्रों को चुन-चुन कर उनके साथ मारपीट कर रहे हैं. सोमवार रात तक कई हजार स्टूडेंट्स जहां-तहां फंसे हुए हैं. बड़ी संख्या में परीक्षार्थी उड़ीसा में भी फंसे हुए हैं. छात्रों ने कहा कि जब छात्र पटना पहुंचेंगे तब प्रदर्शन करेंगे.
एक छात्र का पैर कटा: विजयवाड़ा में रविवार की देर रात भी छात्रों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया. पुलिस के डंडे की चपेट से बचने के लिए भाग रहे बिहार के एक छात्र का पैर ट्रेन से कट गया. कई छात्र गंभीर रूप से घायल हैं. कई परीक्षार्थी के बैग खो गया है, तो कई के कपड़े फट गये हैं. मिली जानकारी के अनुसार स्थिति काफी भयावह है.
मणिपुर में भी बुरा हाल हॉस्टल में ही दुबके हैं छात्र
पटना: मणिपुर एनआइटी में बिहारी स्टूडेंट्स का हाल बेहाल है. स्थानीय छात्रों का कहर बिहारी छात्रों पर तीसरे दिन भी जारी रहा. छात्र हॉस्टल में ही दुबके हुए हैं. इधर गृह विभाग के प्रधान सचिव ने मणिपुर के गृह सचिव से बात की और छात्रों को सुरक्षा देने की मांग की. गौरतलब है कि टीवी केवल खराब होने के कारण स्थानीय छात्रों ने बिहारी छात्र पर इसका दोष लगाते हुए शनिवार से मारपीट शुरू की थी.
मणिपुर एनआइटी के एक छात्र ने प्रभात खबर को फोन कर बताया कि सोमवार सुबह एक छात्र हॉस्टल के मेन गेट से साबुन खरीदने के लिए जा रहा था. तभी वहां के स्थानीय छात्रों ने उसके साथ गाली-गलौज करनी शुरू कर की और मारने के लिए दौड़े. इसके बाद बिहारी छात्र अपनी जान बचा कर हॉस्टल में लौट आया और इसकी जानकारी अपने साथियों को दी. तब से सभी हिंदी भाषी राज्य वाले छात्र हॉस्टल के अंदर ही दुबके हुए हैं. बिहारी छात्रों के साथ हो रही ऐसी घटनाओं को लेकर गृह विभाग के प्रधान सचिव आमिर सुबहानी ने सोमवार रात करीब 8:20 बजे मणिपुर के गृह सचिव से बात की. श्री सुभानी ने कहा कि वहां के गृह सचिव ने तुरंत कार्रवाई करने का आश्वासन दिया और कैंपस में सुरक्षा प्रदान करने का भरोसा दिलाया. उन्होंने कहा कि छात्रों को हर संभव मदद दी जायेगी.
मदद की कर रहे अपील: छात्र फोन पर रो-रो कर किसी भी तरह से मदद करने की अपील कर रहे हैं. छात्र कह रहे हैं कि किसी भी तरह से कॉलेज कैंपस में शांति बहाल की जाये. कॉलेज प्रशासन से लेकर स्थानीय छात्र एक साथ हम लोगों पर हमला कर रहे हैं. ऐसे में यहां कैसे पढ़ाई होगी.
इधर प्रदेश में राजनीति गरमायी
बिहार युवा छात्र संघर्ष मोरचा : मणिपुर एनआइटी में बिहारी छात्रों पर लगातार हो रहे जानलेवा हमले के विरोध में बिहार युवा छात्र संघर्ष मोर्चा(बिहार प्रदेश) नें मणिपुर के मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह का पुतला कारगिल चौक पर फूंका. छात्रों ने वहां पढ़ रहे बिहारी छात्रों के सुरक्षा प्रदान करने की मांग की.
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री का फूंका पुतला : बिहारी स्वाभिमान मंच के सदस्यों ने सिकंदरबाद जंकशन पर हुए बिहारी छात्रों पर हमले के बाद सोमवार को आंध्र के मुख्यमंत्री व रेलमंत्री का पुतला राजाबाजार में फूंका. मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष आजाद अमर कुमार ने राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री से घटना की जांच की मांग की.
बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल : बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के पूर्व प्रवक्ता अजय कुमार ने दोनों मामले में साथ बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी एवं केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की.
आक्रोश मार्च : मणिपुर एनआइटी व सिकंदराबाद जंकशन पर बिहारी छात्रों के साथ पिटाई का विरोध कांग्रेस के सदस्यों ने किया. कांग्रेस सदस्यों ने आक्रोश मार्च निकाला जो इलाहाबाद बैंक कॉलोनी मोड़ से शुरू होकर बेली रोड स्थित आशियाना मोड़ के पास जाकर समाप्त हुई.
