राशन पर रार: सड़क से सदन तक हंगामा

पटना: विधानसभा में सोमवार को सरकार राशन-केरोसिन आपूर्ति के सवाल पर घिरी रही. मुख्य विपक्षी दल भाजपा के सदस्यों ने सरकार पर गरीबों के मुंह से निवाला छिन लेने का आरोप लगाते हुए बेल में आकर जम कर हंगामा किया. करीब 20 मिनट तक सदन में हंगामे की स्थिति रही. भाजपा के सदस्य सरकार के […]

पटना: विधानसभा में सोमवार को सरकार राशन-केरोसिन आपूर्ति के सवाल पर घिरी रही. मुख्य विपक्षी दल भाजपा के सदस्यों ने सरकार पर गरीबों के मुंह से निवाला छिन लेने का आरोप लगाते हुए बेल में आकर जम कर हंगामा किया. करीब 20 मिनट तक सदन में हंगामे की स्थिति रही.

भाजपा के सदस्य सरकार के खिलाफ नारे लगाते रहे. इस दौरान जदयू के बागी विधायक अजीत कुमार ने भी आरोप लगाया कि 60 फीसदी लोगों को राशन कार्ड नहीं मिल पाया है. हंगामे के दौरान सभाध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने सदस्यों को समझाने की कोशिश की. लेकिन, भाजपा के सदस्य शांत नहीं हुए.

हंगामे के बीच जदयू के मंजीत कुमार सिंह ने कहा कि वह इस मामले पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाये हैं. भाजपा के सदस्य क्यों हल्ला कर रहे. इतना सुनते ही भाजपा के सदस्य और तेज हो गये. इसी दौरान शून्यकाल की सारी सूचनाएं पढ़ी गयीं. हंगामे के बीच खाद्य उपभोक्ता विभाग के मंत्री श्याम रजक ने कहा कि तीन जुलाई को सरकार इस मामले पर पूरी स्थिति सदन के समक्ष रखेगी. खाद्य उपभोक्ता और ग्रामीण विकास विभाग मिल कर अपना पक्ष रखेगी. बाद में सदन के नेता और मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि जिन लोगों के नाम बीपीएल सूची में छूट गये हैं, उनके नाम जोड़े जाने की व्यवस्था की गयी है.

हंगामे की शुरुआत भाजपा विधायक विनोद नारायण झा के शून्यकाल की सूचना पर हुई. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर आरोप मढ़ा कि उन्होंने बिना तैयारी के ही राज्य में खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू कर दिया. झा ने कहा कि सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में 84 फीसदी और शहरी क्षेत्रों में 74 फीसदी लोगों को राशन कार्ड देने की बात की, लेकिन अब तक सिर्फ 40 फीसदी जनता का ही राशन कार्ड बन सका है. गरीब लोगों को राशन कार्ड नहीं मिल रहा है. बावजूद इसके सरकार के कानों में जू तक नहीं रेंग रहा है. पर, हम चुप नहीं बैठेंगे.

वोट के लिए लागू हुआ फूड सिक्यूरिटी बिल
विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष नंदकिशोर यादव ने कहा कि बिहार में फूड सिक्यूरिटी बिल वोट के लिए लागू कर दिया गया. लेकिन, इसके लिए न तो ठीक से सर्वे कराया गया और न ही ठीक से सूची तैयार की गयी. इस बिल के लागू होने से बीपीएल परिवारों का कार्ड निरस्त हो गया और उन्हें अनाज मिलना बंद हो गया. जो राशन कार्ड लोगों को मिले हैं वे आधे-अधूरे हैं. जो लोग बीपीएल में थे, सब को इसमें शामिल नहीं किया गया. ऐसे में क्या बीपीएल सूची गलत थी या फिर अभी बन रही सूची? नंदकिशोर यादव ने कहा कि आधे से अधिक लोग आज भी राशन कार्ड से वंचित हैं. इसमें भारी गड़बड़ी व घोटाला हुआ है. इस मामले पर सरकार को चिंता ही नहीं है. सरकार गरीब के हितों पर चिंता करें, पर अफसोस है कि सरकार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया.

60 फीसदी लोगों को नहीं मिला राशन कार्ड

जदयू के बागी विधायक अजीत कुमार ने कहा कि सूबे के 60 फीसदी लोगों को अब भी राशन कार्ड नहीं मिल सका है. इन लोगों को कार्ड की आवश्यकता है. विधायकों के लिए क्षेत्र में बड़ी चुनौती है. गरीब जो उनसे मिलने पहुंचते हैं, जब राशन कार्ड नहीं मिलने की बात करते हैं तो हम निरुत्तर हो जाते हैं.

मंत्री का दावा

एक करोड़ 18 लाख 93 हजार 707 लोगों को राशन कार्ड उपलब्ध कराना है.

अब तक 94 लाख 44 हजार 393 को ही राशन कार्ड उपलब्ध कराया गया है.

नाम जुड़वाने के लिए 49 लाख मिले आवेदन, 10 लाख आवेदन का निष्पादन.

विपक्ष का आरोप

अब तक सिर्फ 40 प्रतिशत का ही राशन कार्ड बन सका है

जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 84% व शहरी क्षेत्रों में 74% को राशन कार्ड देने की बात की.

सेंटर जाएं, करें आवेदन : सीएम
पटना. विधानसभा में राशन-केरोसिन मामले पर विपक्ष के हंगामे के बाद मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि सर्वे में जिनके भी नाम छूट गये हैं, वे फिर से आवेदन दे सकते हैं. इसके लिए प्रखंडों में सेंटर खोल दिये गये हैं. लोग सेंटर में जाएं और आवेदन करें. इससे उनका राशन कार्ड बन जायेगा. विधानसभा स्थित अपने कक्ष में मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा नहीं है कि आप घर बैठे रहे और आपका राशन कार्ड बन कर आ जायेगा. इसके लिए आपको वहां जाना होगा.

लोगों को जागरूक करने के लिए एजेंसी भी लगायी गयी है. एजेंसी के लोग घर-घर जाकर लोगों को राशन कार्ड बनाने की सूचना देंगे. राशन कार्ड के लिए करीब 44 लाख आवेदन आये हैं. इनमें करीब 22 लाख आवेदनों की स्क्रूटनी हो चुकी है. बाकी के काम किये जा रहे हैं. विपक्ष सिर्फ हल्ला करने का काम कर रहा है.

लिफ्टिंग प्वाइंट से पहुंचेगा अनाज : मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को लिफ्टिंग प्वाइंट से ही अनाज पहुंचाया जायेगा. बकाया अनाज के लिए केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान से भी बात हुई है. वह अनाज देने के लिए तैयार हैं,लेकिन हमारे पास 16-17 लाख मीटरिक टन अनाज रखने की क्षमता नहीं है. इसलिए हमने थोड़ा-थोड़ा कर अनाज उठाने की मांग की है. उन्होंने अगस्त तक का समय दिया है. सीएम ने कहा कि पिछले तीन महीने से एफसीआइ को अनाज नहीं मिला है. मार्च के अनाज बांटने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अप्रैल का चल रहा है,जबकि मई व जून का लंबित है.

10 जुलाई तक आवेदन लेने का निर्देश
पटना. बिहार विधानसभा में राशन कार्ड को लेकर विपक्ष के हंगामे के बाद खाद्य व उपभोक्ता मंत्री श्याम रजक ने कहा कि सभी जिलों के डीएम को 10 जुलाई तक राशन कार्ड के लिए आवेदन लेने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि राशन कार्ड बनाने का काम निरंतर चलता रहता है, यह रुकता नहीं है. भाजपा नेता क्या उस समय सो रहे थे, जब राशन कार्ड की सूची बन रही थी. उस समय लोगों के नाम छूटने को लेकर पहल क्यों नहीं की.

श्री रजक ने कहा कि केंद्र से अनाजों का जो 101 रैक आने चाहिए थे, उनमें से सिर्फ 31 रैक ही आ सके. इस वजह से समय पर अनाज नहीं दिया जा सका. केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने भी इसे स्वीकार किया है. मौसम की मार व रेलवे की वजह से ऐसी परेशानी हुई. अनाज के रैक आने के बाद अनाज बंटने लगेगा. अप्रैल का अनाज बांटा जा रहा है और मई-जून का अभी बकाया है. इस मामले पर तीन जुलाई को विधानसभा में अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया गया है.

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