पटना: राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में अराजकता की स्थिति है. हजारों नियोजित शिक्षकों को पांच माह से वेतन नहीं मिला है. टीटीइ व एसटीइटी पास अभ्यर्थियों की बहाली नहीं हो रही है. हजारों पद खाली हैं.
इंटर साइंस के अनुत्तीर्ण करीब डेढ़ लाख छात्रों की कॉपियों की स्क्रूटनी का काम नहीं हो रहा है. ऐसी स्थिति में सरकार को अविलंब सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए, ताकि शिक्षा की स्थिति में पैदा हुई अराजकता पर विचार-विमर्श हो सके. मोदी ने कहा कि प्रथम श्रेणी से मैट्रिक पास करनेवाले सभी वर्ग के छात्र-छात्रओं को 10 हजार दिये जाते हैं.
अब सरकार ने घोषणा की है कि एससी-एसटी की वैसे छात्रओं को भी यह राशि मिलेगी, जो द्वितीय श्रेणी से उत्तीर्ण होंगी. इसी प्रकार द्वितीय श्रेणी में इंटर पास करनेवाली एससी-एसटी छात्राओं को भी 25-25 हजार रुपये दिये जायेंगे. उन्होंने यह लाभ अतिपिछड़ा, पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के छात्रओं को भी देने की मांग की है. प्रथम व द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण होनेवाले छात्र-छात्रओं को मिलनेवाली राशि में अंतर होना चाहिए. 75 प्रतिशत उपस्थिति की बाध्यता में छूट का लाभ भी सभी वर्गो के छात्र-छात्रओं को मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि नियोजित शिक्षकों को जो वेतन दिया जा रहा है, वह चतुर्थवर्गीय कर्मियों को मिलनेवाले वेतन से भी काफी कम है. उन्होंने सरकार से इसमें बढ़ोतरी की मांग की है.
