डिलीवरी के बाद आर्थराइटिस से जूझते हुए कॉमनवेल्थ में जीता ब्रॉन्ज, अब अगले लक्ष्य पर कालीरामना की नजर

भारत की डिस्कस थ्रो खिलाड़ी सीमा कालीरामना ने मां बनने के बाद आर्थराइटिस जैसी गंभीर बीमारी से उबरकर कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कांस्य पदक जीता है. उनकी प्रेरणादायक वापसी और भविष्य की योजनाओं के बारे में जानें.

Seema KaliRamana: मां बनने के बाद आर्थराइटिस (गठिया) जैसी गंभीर समस्या से जूझने वाली भारत की डिस्कस थ्रो खिलाड़ी सीमा कालीरामना ने हार नहीं मानी. पिछले साल ही खेल में वापसी करने वाली सीमा ने अब कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कांस्य पदक जीतकर अपनी शानदार वापसी की कहानी लिख दी है. सोमवार को उनके वापस आने पर दिल्ली एयरपोर्ट पर जोरदार स्वागत किया गया. अब उनका अगला लक्ष्य एशियन गेम्स और ओलंपिक में भारत के लिए पदक जीतना है.

पिछले साल हुई थी वापसी

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय एथलीट सीमा कालीरामना के लिए यह उपलब्धि किसी सपने से कम नहीं है. मां बनने के बाद वह पोस्ट-प्रेग्नेंसी आर्थराइटिस से जूझ रही थीं और पिछले साल ही प्रतिस्पर्धी खेलों में वापसी कर सकी थीं. अब उन्होंने अपनी मेहनत और जज्बे से अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत को पदक दिलाया है.

मेडल जीतकर लौटना बेहद खास

वापस अपने देश लौटने पर उन्होंने कहा कि 2025 एशियन चैंपियनशिप से बिना पदक लौटना उनके लिए बेहद निराशाजनक था, लेकिन उसी अनुभव ने उन्हें मजबूत बनाया. सीमा ने कहा, "इस बार पदक जीतकर लौटना बेहद खास है. पिछली बार खाली हाथ लौटने का दर्द था, लेकिन उसी अनुभव ने मुझे बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा दी."

मौसम बनी बड़ी चुनौती

ग्लासगो में प्रतियोगिता के दौरान मौसम भी बड़ी चुनौती बना. सीमा ने बताया कि भारत के मुकाबले वहां का मौसम बिल्कुल अलग था. तेज ठंडी हवा के कारण उन्हें लगातार शरीर को गर्म रखना पड़ रहा था और कई बार डिस्कस हाथ से फिसल भी रही थी. इसके बावजूद उन्होंने तीसरे प्रयास में 58.65 मीटर का थ्रो कर कांस्य पदक अपने नाम किया.

अब एशियन गेम्स पर नजर

अब 19 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स पर उनका पूरा फोकस है. सीमा का कहना है कि हर खिलाड़ी का सपना ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर पदक जीतना होता है और वह भी इसी लक्ष्य को लेकर लगातार मेहनत कर रही हैं.

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लेखक के बारे में

By अभिजीत कुमार

अभिजीत कुमार युवा पत्रकार हैं, जिन्हें खेल और खासकर क्रिकेट की दुनिया को करीब से समझने और उसकी अनकही कहानियों को पाठकों तक पहुंचाने का जुनून है. उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), ढेंकानाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है. अपने पेशेवर सफर में उन्होंने रिपोर्टिंग, सब-एडिटिंग, पेज डिजाइन और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में काम किया है.

वर्तमान में वह स्पोर्ट्स डेस्क पर कार्यरत हैं, जहां खेल जगत से जुड़ी खबरों के लेखन, संपादन और प्रस्तुतीकरण की जिम्मेदारी संभालते हैं. क्रिकेट उनके लिए सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि आंकड़ों, रोमांच, संघर्ष और भावनाओं से जुड़ी कहानियों की दुनिया है. खिलाड़ियों के प्रदर्शन से लेकर मैदान के पीछे की दिलचस्प घटनाओं तक, वह हर कहानी को सरल, सटीक और रोचक अंदाज में पेश करने की कोशिश करते हैं.

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