दिल्ली कैपिटल्स के नये हीरो बने आशुतोष शर्मा कहा- टीम के लिए फिनिशर की भूमिका निभाना अच्छा लगता है

RR vs DC 2026 : दिल्ली के फिनिशर आशुतोष शर्मा के सामने अंतिम ओवर में 5 रन का टारगेट था. उन्होंने बृजेश शर्मा की पहली गेंद में चौका जड़ दिया. दूसरी गेंद यार्कर थी, जिसे अंपायर ने नो बाॅल करार दिया और आशुतोष शर्मा टीम की जीत पर उछल पड़े.

RR vs DC 2026 : राजस्थान रॉयल्स द्वारा दिए गए टारगेट को दिल्ली कैपिटल्स ने शुक्रवार को पांच गेंद शेष रहते ही पूरा कर लिया और एक बेहतरीन जीत दर्ज की. इस जीत के बाद मैच के फिनिशर दिल्ली के बल्लेबाज आशुतोष शर्मा ने कहा कि वे आईपीएल में फिनिशर की भूमिका निभाने का आनंद ले रहे हैं और टीम की जीत में योगदान देकर उन्हें बहुत खुशी होती है.

फिनिशर की भूमिका निभाने में अच्छा लग रहा है : आशुतोष

दिल्ली कैपिटल्स ने राजस्थान रॉयल्स को सात विकेट से पराजित किया. इस मैच में दिल्ली के बैटर आशुतोष ने 15 गेंदों में 25 रन बनाए और फिनिशर की भूमिका अच्छी तरह से निभाई. इस जीत से उनकी टीम ने लगातार तीन मैचों में जीत दर्ज की है. मैच के बाद मीडिया से बात करते हुए आशुतोष ने कहा कि मुझे अपनी टीम के लिए फिनिशर की भूमिका निभाकर अच्छा लगता है. टीम ने इन परिस्थितियों में मुझ पर भरोसा किया है और मुझे ऐसे मौकों पर खेलना पसंद है. मुझे हमेशा लगता है कि जब तक मैं क्रीज पर हूं, टीम को जीत दिला सकता हूं. मैं अपने इस विश्वास को कायम रखना चाहता हूं.

राजस्थान रॉयल्स पर दिल्ली ने कसी लगाम

दिल्ली के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क और काइल जैमीसन ने राजस्थान के युवा बल्लेबाजों वैभव सूर्यवंशी और यशस्वी जायसवाल पर अंकुश लगा दिया और उन्हें महज 4 और 6 रन के स्कोर पर चलता कर दिया. हालांकि इस मैच में राजस्थान की ओर से रियान पराग, ध्रुव जुरेल और डोनोवन फरेरा ने अच्छी बैटिंग की और क्रमश: 90,42 और 47 रन बनाए. टारगेट का पीछा करने की प्लानिंग पर आशुतोष ने कहा कि हमारे सामने 226 रन का लक्ष्य था. केएल राहुल और पथुम निसांका ने पहले विकेट के लिए 110 रन जोड़कर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई. आशुतोष ने कहा कि टी20 क्रिकेट में बहुत कुछ पहले विकेट की साझेदारी और पावरप्ले पर निर्भर करता है. हमारे ओपनर बल्लेबाजों ने बहुत अच्छी शुरुआत दी. इसी वजह से हम पूरे मैच में बने रहे और आखिर में जीत हासिल कर सके.

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Published by: Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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