मेरी किताब में 90 प्रतिशत फैक्ट और 10 प्रतिशत फिक्शन है : सोना चौधरी

नयी दिल्‍ली : भारत की पूर्व महिला फुटबॉल कप्‍तान ने आज अपनी किताब के बारे में बताते हुए कहा कि मेरी किताब में 90 फैक्ट हैं और 10 प्रतिशत मैंने फिक्शन को शामिल. यह किताब उन दुखदायी अनुभवों पर है जो हमने सहा था. आज व्यवस्था हमारे साथ है, लेकिन हमारे समय में ऐसा नहीं […]

नयी दिल्‍ली : भारत की पूर्व महिला फुटबॉल कप्‍तान ने आज अपनी किताब के बारे में बताते हुए कहा कि मेरी किताब में 90 फैक्ट हैं और 10 प्रतिशत मैंने फिक्शन को शामिल. यह किताब उन दुखदायी अनुभवों पर है जो हमने सहा था. आज व्यवस्था हमारे साथ है, लेकिन हमारे समय में ऐसा नहीं था.

सोना चौधरी ने अपनी किमैनेजमेंट को लेकर बड़ा खुलासा किया है. पूर्व भारतीय महिला कप्‍तान सोना चौधरी ने अपनी किताब में खुलासा किया है कि फुटबॉल टीम के कोच और सेक्रेटरी महिला खिलाडियों का शोषण करते थे.
सोना ने अपनी किताब ‘गेम इन गेम’ में इस बात का खुलासा किया है. मीडिया में जो खबरें हैं उसके अनुसार सोना ने आरोप लगाया है कि कोच और सेक्रेटरी महिला खिलाडियों को कंप्रोमाइज के लिए मजबूर करते थे. अपनी किताब के जरिये सोना ने खुलासा किया है कि जिस रूम महिला खिला‍ड़ी रुकती थीं उसी कमरे में कोच और सेक्रेटरी भी रूकते थे और खिलाडियों का शोषण करते थे.
मीडिया में जो खबरें हैं उसके अनुसार सोना ने कहा, मेडल, ट्रॉफी, नाम और शोहरत सभी फुटबॉल के मैदान की कमाई है. घंटो मेहनत के बाद ये लाखों खिलाडियों में किसी एक को मिल पाता है. लेकिन अगर महिला खिलाड़ी की बात हो उसे मैदान पर कड़ी मेहनत के बाद भी मैदान से बाहर कई कंप्रोमाइज करना पड़ता है.
सोना चौधरी फुटबॉल की दुनिया की जानी-मानी स्‍टार खिलाड़ी रही हैं. उन्‍होंने 1994 में अपने कैरियर की शुरुआत की और भारतीय फुटबॉल टीम की कप्‍तानी भी की. फिलहाल सोना अभी अपनी किताब गेम इन गेम में व्‍यस्‍त हैं. इसी किताब में सोना ने ये बड़ा खुलासा किया है. हालांकि इतने दिनों के बाद यह बड़ी बात मीडिया के सामने आना सवाल खड़ी करता है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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