नयी दिल्ली : भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) प्रमुख एन रामाचंद्रन ने उन पर रिश्वत का आरोप लगाने और यहां तक उन्हें अदालत में घसीटने की धमकी देकर कथित तौर पर उनकी छवि को खराब करने के आरोप में हॉकी इंडिया के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा को मानहानि नोटिस भेजकर उनसे 10 करोड़ रुपये की मांग की है.
बत्रा ने पिछले वर्ष आईओए चुनाव के दौरान आरोप लगाया था कि उन्हें रामचंद्रन ने किसी अन्य व्यक्ति के माध्यम से संपर्क कर उनकी उम्मीदवारी के समर्थन के बदले कुर्सी पर रहने तक हर साल एक करोड़ रुपये देने का प्रस्ताव रखा था.
बत्रा के इन आरोपों को झूठा और दुर्भावनापूर्ण बताते हुए रामचंद्रन ने उनकी छवि को पहुंची नुकसान के बदले अगले 15 दिनों में 10 करोड़ रुपये के साथ बिना शर्त आरोप को वापस लेते हुए माफी मांगने की मांग की है अन्यथा वह संबंधित कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई कर सकते हैं.
रामचंद्रन के वकील हरिशंकर मानी ने बत्रा को भेजे कानूनी नोटिस में लिखा है लगाये गये आरोप गलत, दुर्भायपूर्ण और समाज के बुद्धिजीवियों और खासकर आईओए, आईओसी, खेल जगत और प्रशासकों की नजर में मेरे मुवक्किल की छवि को धूमिल करने के लिए लगाया गया है. मनी ने कहा कि मांगों को पूरा नहीं करने की स्थिति में उनके मुवक्किल दीवानी और आपराधिक कानूनों के तहत कानूनी कार्रवाई करेंगे.
जब इस मुद्दे पर बत्रा की प्रतिक्रिया ली गयी तो उन्होंने कहा कि वह रामचंद्रन की मांगों को नहीं स्वीकार करेंगे. साथ ही उन्होंने आईओए प्रमुख को उनके खिलाफ अदालत में मामला दर्ज कराने की धमकी दी. बत्रा ने बताया अगर रामचंद्रन ने मुझे नोटिस भेजा है तो मैं खुश हूं. मेरे वकील उसका जवाब देंगे लेकिन किसी भी परिस्थिति में उनकी मांगों को नहीं मानूंगा. मैं उन्हें अदालत में मामला दर्ज करने दूंगा और वहीं इस मुद्दे को देखेंगे.
उन्होंने कहा, दावा को साबित करने के लिए मेरे पास आडियो और वीडियो रिकार्डिंग हैं. अगर वह अदालत में मामला दर्ज कराते हैं तो सभी साक्ष्य अदालत पहुंच जायेंगे. मैं उन्हें आईओए आचार आयोग के समक्ष पेश करना चाहता था लेकिन अदालत में पेश करने से अब यह सार्वजनिक हो सकता है.
