नयी दिल्ली: भारतीय ओलंपिक संघ की अंदरुनी लडाई ने आज तब सनसनीखेज मोड ले लिया जब नरिंदर बत्रा ने एन रामचंद्रन गुट पर आरोप लगाया कि पिछले साल चुनावों के दौरान समर्थन करने के लिये उन्हें मोटी धनराशि की पेशकश की गयी थी लेकिन आईओए अध्यक्ष ने इसका जोरदार शब्दों में खंडन किया है.
हाकी इंडिया के अध्यक्ष बत्रा ने एक ईमेल जारी किया है जिसमें उन्होंने दावा किया है कि रामचंद्रन ने पिछले साल फरवरी में आईओए चुनावों के दौरान एक प्रतिनिधि के जरिये उनके सामने प्रस्ताव रखा था कि उनकी उम्मीद्वारी का समर्थन करने की दशा में उन्हें तब तक प्रतिवर्ष एक करोड रुपये दिया जाएगा जब तक वह अध्यक्ष रहेंगे. उन्होंने रामचंद्रन से यह शिकायत आईओए आचार आयोग को भेजने के लिये कहा.
बत्रा ने रामचंद्रन को लिखे मेल में कहा, ‘‘श्रीमान रामचंद्रन जनवरी फरवरी 2014 में आईओए चुनावों के दौरान जिसमें आप अध्यक्ष पद के उम्मीद्वार थे और निर्विरोध चुने गये, तब आपने एक व्यक्ति को मेरे कार्यालय में इस प्रस्ताव के साथ व्यक्ति को भेजा था कि आप जब तक अध्यक्ष रहेंगे तब तक आप मुङो एक करोड रुपये प्रतिवर्ष देंगे और मुझे अध्यक्ष के चुनाव में आपका समर्थन करना चाहिए. उस व्यक्ति को मैंने नम्रतापूर्वक कार्यालय से बाहर जाने को कहा था. ’’
रामचंद्रन को बाहर करने की मुहिम में लगे बत्रा ने मीडिया को भी जारी इस मेल में आगे लिखा है, ‘मैं आपसे कहता हूं कि मेरी यह शिकायत आईओए के आचार आयोग के पास भेजी जाए और यदि ऐसा नहीं होता है तो फिर मैं न्याय के लिये आईओसीए के आचार आयोग और भारत की अदालतों की शरण में जाउंगा. मैं आचार आयोग के सामने गवाह और सबूत पेश करुंगा. ’’
रामचंद्रन ने बत्रा के दावे का कडे शब्दों में खंडन किया और ‘मेल में कुछ अपमानजनक पाये जाने पर’ उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की चेतावनी दी.
रामचंद्रन से जब प्रतिक्रिया देने के लिये कहा गया, उन्होंने कहा, ‘नरिंदर बत्रा ने कई मेल किये हैं और जिस मेल की बात हो रही है मैंने उसे नहीं पढा है. मैं मेल को पढे बिना टिप्पणी नहीं करना चाहता हूं. यदि कुछ अपमानजनक पाया जाता है तो मेरे वकील इसको देखकर उचित कार्रवाई करेंगे. ’’
