पेनाल्टी कार्नर को गोल में बदलने के लिए मेहनत करनी होगी : हॉकी कोच
एंटवर्प : एफआईएच विश्व हॉकी लीग सेमीफाइनल से पहले अभ्यास मैचों के बाद भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कोच पाल वान ऐस ने कहा कि उनकी टीम को पेनल्टी कार्नर बनाने पर मेहनत करनी होगी. भारत को दूसरे अभ्यास मैच में कल बेल्जियम ने 2 . 1 से हराया जबकि पहले अभ्यास मैच में सरदार […]
एंटवर्प : एफआईएच विश्व हॉकी लीग सेमीफाइनल से पहले अभ्यास मैचों के बाद भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कोच पाल वान ऐस ने कहा कि उनकी टीम को पेनल्टी कार्नर बनाने पर मेहनत करनी होगी. भारत को दूसरे अभ्यास मैच में कल बेल्जियम ने 2 . 1 से हराया जबकि पहले अभ्यास मैच में सरदार सिंह की टीम ने फ्रांस को 1 . 0 से मात दी थी. भारत को सेमीफाइनल में 20 जून को पहला मैच फ्रांस से ही खेलना है जबकि पूल में पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया और पोलैंड की टीमें भी हैं.
वान ऐस ने कहा , अभ्यास मैचों से हमने बहुत कुछ सीखा. हमने फ्रांस को हराया जबकि बेल्जियम से मामूली अंतर से हार गये. दो मैचों के बाद मेरा आकलन यही है कि हमें शुरुआत से ही विरोधी टीम पर दबाव बनाना होगा. उन्होंने कहा , डी के भीतर मौके तलाशने की बजाय हमें पेनल्टी कार्नर बनाने पर मेहनत करनी होगी. हमारे खिलाड़ियों ने विरोधी टीम की रक्षापंक्ति को भेदा लेकिन उन्हें गोल भी करने होंगे.
शुरुआती गोल अपने नाम करने से दूसरी टीम पर दबाव बनता है. डिफेंस के बारे में उन्होंने कहा , दोनों मैचों में डिफेंस मजबूत दिखा. हमने बेल्जियम को दो गोल गंवाये लेकिन मुझे लगता है कि डिफेंस ने बेहतर प्रदर्शन किया. इस बीच महिला हॉकी टीम के मुख्य कोच मथियास अहरेंस ने कहा कि पहले मैच में मेजबान बेल्जियम को घरेलू मैदान पर खेलने का फायदा मिलेगा.
अहरेंस ने कहा , हमारा पहला मैच मेजबान बेल्जियम से है जिसे घरेलू मैदान पर खेलने का फायदा मिलेगा. दोनों टीमें हालांकि बराबरी की है और सब कुछ शुरुआती दबाव पर निर्भर करेगा. हमारे पास मजबूत आक्रमण है और मुझे अच्छी शुरुआत का यकीन है. उन्होंने कहा , टीम ने विरोधी सर्कल के भीतर गेंद पर कब्जा बनाये रखने की अहमियत समझी है और शार्ट पासेस पर मेहनत कर रही है.