नयी दिल्ली : विम्बलडन फाउंडेशन और गैर सरकारी संगठन मैजिक बस ने मिलकर आज एक नयी पहल की शुरुआत की जिसके तहत 2000 वंचित बच्चों को टेनिस खेलने का मौका मिल सकेगा. अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) इस कार्यक्रम पर अमल करने में सहायता करेगा.
विम्बलडन फाउंडेशन की हेलेन पार्कर ने बताया कि वे कार्यक्रम के लिये 30000 स्टर्लिंग पाउंड देंगे. इस कार्यक्रम का मकसद वंचित बच्चों के सामाजिक विकास के लिये खेल को एक जरिये के तौर पर इस्तेमाल करना है.
इसके तहत शिक्षकों और मेंटर को प्रशिक्षण दिया जायेगा और टेनिस पाठ्यक्रम का हिस्सा होगा. ब्रिटेन के पूर्व डेविस कप कप्तान और रोड टू विम्बलडन टूर्नामेंट के निदेशक पाल हचिंस ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा , हम टेनिस को पाठ्यक्रम में शामिल करना चाहते हैं. यदि बाद में क्लीनिक्स का आयोजन हो सके तो यह सोने पे सुहागा होगा.
