कोलकाता : कोलकाता नाइट राइडर्स के दिग्गज स्पिनर सुनील नारायण को भले ही आईसीसी से खेलने की स्वीकृति मिल गई हो लेकिन वेस्टइंडीज के इस खिलाड़ी को अवैध गेंदबाजी एक्शन के लिए चेन्नई में एक और परीक्षण कराना होगा. बीसीसीआई अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने आज यह जानकारी दी. वर्ष 1989 में रणजी ट्राफी जीतने वाली […]
कोलकाता : कोलकाता नाइट राइडर्स के दिग्गज स्पिनर सुनील नारायण को भले ही आईसीसी से खेलने की स्वीकृति मिल गई हो लेकिन वेस्टइंडीज के इस खिलाड़ी को अवैध गेंदबाजी एक्शन के लिए चेन्नई में एक और परीक्षण कराना होगा. बीसीसीआई अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने आज यह जानकारी दी.
वर्ष 1989 में रणजी ट्राफी जीतने वाली बंगाल क्रिकेट संघ की टीम को जीत के 25 बरस पूरे होने पर सम्मानित करने के लिए आयोजित कार्यक्रम के इतर डालमिया ने संवाददाताओं से कहा, मैंने उनसे (केकेआर प्रबंधन) बात की है. उसे दोबारा परीक्षण कराना होगा. एक या दो बार. डालमिया के कार्यालय ने पुष्टि की कि परीक्षण चेन्नई की श्री रामचंद्र यूनिवर्सिटी में होंगे.
नारायण को 2014 चैम्पियन्स लीग टी20 के दौरान संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन के कारण प्रतिबंधित किया गया था और उन्हें चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ फाइनल में नहीं खेलने दिया गया था जो कोलकाता नाइट राइडर्स आठ विकेट से हार गया था. बाद में नवंबर के भारत दौरे की वेस्टइंडीज की टीम से भी इस स्पिनर को बाहर कर दिया गया था और उन्होंने बाद में 2015 विश्व कप में भी नहीं खेलने का फैसला किया.
वेस्टइंडीज के इस क्रिकेटर ने इसके बाद अपने एक्शन में सुधार की दिशा में काम किया और आईसीसी ने लोगबोरो में बायो मैकेनिकल परीक्षण के बाद उन्हें खेलने की स्वीकृति दे दी. बीसीसीआई ने हालांकि आईसीसी की रिपोर्ट को स्वीकार करने से इनकार कर दिया और जोर देकर कहा कि त्रिनिदाद के इस स्पिनर को एक बार फिर परीक्षण कराना होगा. केकेआर ने इसके बाद अदालत की शरण में जाने की बात कही थी.