पीवी सिंधू और अरुणिमा सिन्हा के जज्बे को पद्मश्री

खेल जगत के इतिहास में आज का दिन गौरवशाली दिवस के रूप में याद किया जायेगा. आज खेल जगत के दो लोगों को पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया. इनमें बैडमिंटन की युवा खिलाड़ी पीवी सिंधू और आत्मविश्वास से परिपूर्ण पूर्व वॉलीबॉल खिलाड़ी और माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली पहली विकलांग भारतीय अरुणिमा सिन्हा शामिल […]

खेल जगत के इतिहास में आज का दिन गौरवशाली दिवस के रूप में याद किया जायेगा. आज खेल जगत के दो लोगों को पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया. इनमें बैडमिंटन की युवा खिलाड़ी पीवी सिंधू और आत्मविश्वास से परिपूर्ण पूर्व वॉलीबॉल खिलाड़ी और माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली पहली विकलांग भारतीय अरुणिमा सिन्हा शामिल हैं. इन्हें आज राष्ट्रपति ने पद्मश्री सम्मान से नवाजा.

पीवी सिंधू : पीवी सिंधू 10 अगस्त 2013 में विश्व चैंपियनशिप में एकल खिताब जीतने वाली पहली महिला बनी थीं. वर्तमान में उनकी विश्व रैंकिंग नंबर नौ पर है. उन्होंने कई बार देश के लिए अच्छा प्रदर्शन किया है. उबेर कप 2014 और इंचियोन एशियन गेम 2014 में पीवी सिंधू उस टीम की सदस्य थीं, जिन्होंने कांस्य पदक जीता था. सिंधू के माता-पिता भी पूर्व वॉलीबॉल खिलाड़ी थे.

अरुणिमा सिन्हा : राष्ट्रीय स्तर के वॉलीबॉल खिलाड़ियों में अरुणिमा सिन्हा का नाम आता है. अरुणिमा फुटबॉल की खिलाड़ी भी हैं. वर्ष 2011 में इनके साथ एक दुर्घटना हुई, लखनऊ के पास इन्हें एक ट्रेन से कुछ अपराधियों ने बाहर फेंक दिया था, वे घंटों ट्रैक पर बेहोश पड़ी रहीं थीं, उसी दौरान दूसरी ओर से आती हुए एक रेलगाड़ी से उनका पैर घुटने के नीचे से कट गया था. बावजूद इसके अरुणिमा सिन्हा ने हिम्मत नहीं हारी और अपनी लगन और बछेंद्री पाल की ट्रेनिंग की बदौलत 21 मई 2013 को माउंट एवरेस्ट फतह किया.

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