नयी दिल्ली : भारत में क्रिकेट खेल नहीं धर्म के रूप में अपनी पहचान बना चुका है. ऐसे में स्वभाविक है अन्य खेलों पर लोगों की उतनी दिलचस्पी न के बराबर रहती है. लेकिन कुछ सालों से इस मानसिकता में काफी बदलाव देखने को मिला है. भारत में अन्य खेलों को भी समान रूप से प्यार मिल रहा है.
हॉकी जो भारत का राष्ट्रीय खेल है इसको जितना प्यार मिलना चाहिए था उतना नहीं मिल पाया है, लेकिन अब हॉकी के दिन भी बदल रहे हैं. लोगों के प्यार के साथ-साथ भारतीय हॉकी संघ से भी हॉकी और हॉकी खिलाडियों को प्यार और सम्मान दिया जा रहा है.
इधर इसी के तहत हॉकी इंडिया (एचआई) ने देश में पहली बार खिलाडियों को अवार्ड देने का फैसला लिया है. यह वार्षिक अवार्ड 28 मार्च को दिये जाएंगे जो देश के सर्वश्रेष्ठ हॉकी खिलाडियों को इस खेल में योगदान देने के लिये सम्मानित करने के लिये दिये जाएंगे.
ये वार्षिक पुरस्कार खिलाडियों के अलावा कोच और प्रशासकों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल में योगदान देने के लिये दिये जाएंगे. पुरस्कार समारोह में कुल दो करोड़ 60 रुपये के पुरस्कार दिये जाएंगे जिसमें पहली बार मेजर ध्यानचंद लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड के लिये तीस लाख रुपया दिया जाएगा. इसके अलावा पुरुष और महिला वर्ग के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को धु्रव बत्रा अवार्ड दिया जाएगा जो 25 लाख का होगा.
