मिस्र में फुटबॉल मैच में संघर्ष, 30 की मौत

काहिरा : फुटबॉल के लिए दीवानगी की हद तक चाहत रखने वाले मिस्र में एक मैच के दौरान स्टेडियम में प्रवेश को लेकर फुटबॉल प्रेमियों और पुलिस के बीच हुए संघर्ष में कम से 30 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हुए हैं. मिस्र में फुटबाल से संबंधित यह अब तक की सबसे भीषण […]

काहिरा : फुटबॉल के लिए दीवानगी की हद तक चाहत रखने वाले मिस्र में एक मैच के दौरान स्टेडियम में प्रवेश को लेकर फुटबॉल प्रेमियों और पुलिस के बीच हुए संघर्ष में कम से 30 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हुए हैं. मिस्र में फुटबाल से संबंधित यह अब तक की सबसे भीषण घटना मानी जा रही है.

गृह मंत्रालय ने बताया कि यह घटना इजीप्शीयन प्रीमियर लीग क्लब जमालेक और एनपीपीआई के बीच मैच से पूर्व काहिरा में एयर डिफेंस स्टेडियम के बाहर हुई. स्टेडियम के सामने अल्ट्रा व्हाइट नाइट्स के प्रशंसकों के समूह के सदस्यों को तितर बितर करने के लिए पुलिस द्वारा आंसू गैस के गोले दागे जाने के बाद संघर्ष शुरु हुआ. जमालेक और एनपीपीआई के बीच कांटे की टक्कर वाले मुकाबले से कुछ घंटे पूर्व यह घटना हुई. रिपोर्टो में बताया गया है कि अल्ट्रा व्हाइट नाइट्स के रुप में पहचाने जाने वाले जमालेक के समर्थकों ने बिना टिकट के मैच के लिए स्टेडियम में घुसने का प्रयास किया.

डाक्टरों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मारे गए अधिकांश लोग भीड को खदेडने के लिए पुलिस द्वारा इस्तेमाल की गयी आंसू गैस के कारण दम घुटने का शिकार हुए. अल अहराम अरबी न्यूज वेबसाइट ने बताया है कि संघर्ष में कम से कम 30 लोग मारे गए हैं.

अहराम आनलाइन ने बताया है, आंसू गैस के गोलों के बाद उनकी मौत दम घुटने और भगदड के कारण हुई. इस ताजा हादसे के बाद मिस्र की कैबिनेट ने अनिश्चितकाल के लिए लीग मैचों को स्थगित कर दिया और एक बयान में कहा गया है कि जमालेक के प्रशंसक स्टेडियम में प्रवेश के लिए जरुरी सुरक्षा प्रक्रिया को अपनाने में विफल रहे. गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा है, दस हजार से अधिक लोगों ने बिना टिकटों के स्टेडियम में घुसने का प्रयास किया. इनमें से कई भगदड के कारण मारे गए और दर्जनों घायल हो गए.

सुरक्षा बलों ने प्रशंसकों द्वारा एक सड़क को अवरुद्ध करने और एक पुलिस वाहन को आग लगाए जाने के बाद उन्हें खदेडने का प्रयास किया. एक सुरक्षा सूत्र ने बताया कि हिंसा भडकाने के लिए 17 जमालेक प्रशंसकों को गिरफ्तार किया गया है. सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि पीडितों के शवों को काहिरा के मुर्दाघर में रखा गया है.

सरकारी संवाद समिति मीना ने बताया है कि कम से कम 25 लोग घायल हुए हैं. पोर्ट सेड में एक स्टेडियम में हुए दंगे के बाद मिस्र ने फुटबॉल मैचों के दौरान लोगों की संख्या को नियंत्रित किया जहां फरवरी 2012 में मैच के बाद इसी प्रकार की घटना में 70 से अधिक लोग मारे गए थे.

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