FIFA World Cup 2026: इससे पहले भी उन्होंने राउंड ऑफ-16 में क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पुर्तगाल के खिलाफ स्टॉपेज टाइम में गोल कर स्पेन को जीत दिलाई थी. लगातार दो नॉकआउट मुकाबलों में निर्णायक गोल करने के बाद मेरिनो अब स्पेन के सबसे भरोसेमंद मैच विनर के रूप में सामने आए हैं. मुख्य कोच लुइस डे ला फुएंते की टीम अब विश्व कप फाइनल से केवल एक जीत दूर है.
बेल्जियम के खिलाफ कैसे बना मैच का हीरो
क्वार्टर फाइनल मैच बहुत रोमांचक था. खेल खत्म होने के करीब स्पेन ने बेल्जियम पर दबाव बनाया. स्पेन के युवा खिलाड़ी पाउ कुबार्सी ने एक लंबा शॉट मारा, जिसे बेल्जियम के गोलकीपर ठीक से नहीं पकड़ सके. गेंद उनके हाथों से छूट गई और मिकेल मेरिनो ने तुरंत उसे गोल के अंदर डाल दिया. इस गोल से स्पेन ने 2-1 से जीत हासिल की और सेमीफाइनल में जगह बना ली.
पुर्तगाल के खिलाफ भी बने थे जीत के नायक
मेरिनो का यह लगातार दूसरा बड़ा मैच था, जिसमें उन्होंने निर्णायक भूमिका निभाई. इससे पहले राउंड ऑफ-16 में पुर्तगाल के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने स्टॉपेज टाइम में फेरान टोरेस के सटीक पास पर शानदार गोल दागा था. उस गोल की बदौलत स्पेन ने क्रिस्टियानो रोनाल्डो की टीम को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था. अब लगातार दो नॉकआउट मुकाबलों में मैच जिताने वाले गोल के कारण मेरिनो पूरे टूर्नामेंट के सबसे चर्चित खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं.
फुटबॉल परिवार से रखते हैं संबंध
मिकेल मेरिनो का जन्म 22 जून 1996 को स्पेन के पाम्पलोना शहर में हुआ था. फुटबॉल उनके परिवार की विरासत का हिस्सा रहा है। उनके पिता एंजेल मेरिनो स्पेनिश क्लब ओसासुना के लिए मिडफील्डर के रूप में खेल चुके हैं. मेरिनो ने अपने शुरुआती फुटबॉल करियर की शुरुआत स्थानीय क्लब अमिगो से की. इसके बाद वह ओसासुना की प्रतिष्ठित यूथ अकादमी से जुड़े और अपनी प्रतिभा के दम पर तेजी से आगे बढ़े.
ओसासुना से यूरोप तक का सफर
2013-14 सीजन में मेरिनो ने ओसासुना की रिजर्व टीम में जगह बनाई और जल्द ही सीनियर टीम के लिए भी डेब्यू किया. उन्होंने स्पेनिश सेकंड डिवीजन में शानदार प्रदर्शन करते हुए क्लब को ला लीगा में वापसी दिलाने में अहम भूमिका निभाई. उनके बेहतरीन खेल ने यूरोप के कई बड़े क्लबों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया.
डॉर्टमुंड और न्यूकैसल में मिला अनुभव
2016-17 सीजन से पहले जर्मनी के दिग्गज क्लब बोरूसिया डॉर्टमुंड ने मेरिनो को अपने साथ जोड़ा. हालांकि वहां उन्हें नियमित खेलने का पर्याप्त मौका नहीं मिला. इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड का रुख किया और न्यूकैसल यूनाइटेड के लिए खेले. यहां भी उन्होंने अपनी क्षमता की झलक दिखाई, लेकिन लगातार शुरुआती एकादश में जगह बनाने में सफल नहीं हो सके.
रियल सोसिएदाद में निखरी असली पहचान
2018 में मेरिनो स्पेन लौटे और रियल सोसिएदाद से जुड़ गए. यहीं उन्होंने अपने खेल में जबरदस्त सुधार किया और ला लीगा के सबसे भरोसेमंद तथा संतुलित मिडफील्डरों में अपनी पहचान बनाई. रियल सोसिएदाद में शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने फिर से यूरोप के बड़े क्लबों का ध्यान आकर्षित किया.
आर्सेनल में मिला नया मंच
उनकी लगातार शानदार फॉर्म को देखते हुए इंग्लिश प्रीमियर लीग क्लब आर्सेनल ने उन्हें चार साल के अनुबंध पर अपने साथ जोड़ लिया. क्लब स्तर पर भी मेरिनो ने अपनी उपयोगिता साबित की और अब वही आत्मविश्वास विश्व कप में भी दिखाई दे रहा है.
स्पेन की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरे मेरिनो
फीफा विश्व कप 2026 में स्पेन के लिए मेरिनो केवल मिडफील्डर की भूमिका नहीं निभा रहे, बल्कि सबसे कठिन मौकों पर मैच का परिणाम बदलने वाले खिलाड़ी बन गए हैं. लगातार दो नॉकआउट मुकाबलों में उनके निर्णायक गोलों ने यह साबित कर दिया है कि दबाव की परिस्थितियों में वह टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल हैं. अब सेमीफाइनल में भी स्पेन की उम्मीदें काफी हद तक मेरिनो जैसे खिलाड़ियों पर टिकी होंगी. यदि उनकी शानदार फॉर्म जारी रहती है तो स्पेन एक बार फिर विश्व चैंपियन बनने का सपना साकार कर सकता है.
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