Ishan Kishan: मैं बस इस लक्ष्य को सरल रखना चाहता था और आखिरी ओवर तक पिच पर टिके रहना चाहता था. ऐसी चेज में खुद पर भरोसा रखना बहुत जरूरी होता है. मेरी कोशिश यही रहती है कि जितने ओवर हो सके उतने ओवर बल्लेबाजी करनी है. यह बात सोमवार को मैच खत्म होने बाद ईशान किशन ने कही.
स्पिन गेंदबाजों को मिल रही थी मदद
पोस्ट मैच इंटरव्यू में ईशान किशन ने कहा की पहली पारी से ही पिच स्पिनर को मदद दे रही थी. विकेट कीपिंग करते वक्त ही मैंने देखा कि धीमी गेंदों पर गेंद रूक कर आ रही थी. उन्होंने यह भी कहा कि नंबर तीन बल्लेबाज के तौर पर मेरा काम सिर्फ कोशिश करना था और मैच खत्म करना था. इस पिच पर बैटर्स के लिए बल्लेबाजी करना मुश्किल था. सिंगल्स लेना और बड़े शाॅट खेलना दोनों ही.
ईशान ने खेली मैच विनिंग पारी
चेन्नई द्वारा दिए गए 181 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए ईशान किशन ने ऐसी पारी खेली की उन्होंने मैच को एकतरफा बना दिया. ईशान ने 47 गेंदों में 70 रनों की आतिशी पारी खेली. इस पारी के दौरान उन्होंने 7 चौके और 3 छक्के लगाये. 26 गेंदों में 47 रन बनाकर क्लासेन ने उनका अच्छा साथ निभाया.
बल्लेबाजों ने की साहसी बल्लेबाजी
मैच के बाद हैदराबाद के कप्तान पैट कमिंस ने कहा कि बल्लेबाजों ने काफी साहस के साथ बल्लेबाजी की. 181 इस पिच के हिसाब से काफी अच्छा स्कोर था. बल्लेबाजी काफी कठिन थी और बल्लेबाजों ने अपना काम बखूबी किया. इस जीत का श्रेय ईशान और क्लासेन की साझेदारी को जाता है, जिन्होंने मिडिल ओवर्स में शानदार बल्लेबाजी की.
(इनपुट : स्वयं ऋषि)
