भारतीय क्रिकेट टीम के कोचिंग स्टाफ में इंग्लैंड दौरे के बाद बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक सहायक कोच रयान टेन डोशेट और गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल अपने भविष्य पर विचार कर रहे हैं और इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के बाद पद छोड़ सकते हैं.
द टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, टेन डोशेट लगातार यात्रा और व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के कारण अपने कार्यकाल को आगे बढ़ाने को लेकर आश्वस्त नहीं हैं. वहीं, बीसीसीआई दोनों कोचों को बनाए रखने के लिए बातचीत कर रहा है.
लक्ष्मीपति बालाजी ले सकते हैं मोर्कल की जगह
अगर इनमें से कोई भी कोच पद छोड़ता है तो बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) से विकल्प तलाश सकता है. पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज लक्ष्मीपति बालाजी, जिन्हें हाल ही में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का फास्ट बॉलिंग कोच बनाया गया है, मोर्कल के संभावित विकल्पों में शामिल हो सकते हैं.
फील्डिंग कोच टी दिलीप पर भी मंडरा रहा खतरा
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि फील्डिंग कोच टी दिलीप की भूमिका भी समीक्षा के दायरे में है. हाल के समय में भारतीय टीम के फील्डिंग प्रदर्शन पर लगातार सवाल उठे हैं, जिसके चलते उनकी स्थिति पर दबाव बढ़ गया है. पिछले साल कोचिंग स्टाफ में बदलाव के बावजूद दिलीप अपनी जगह बचाने में सफल रहे थे, लेकिन अब एक बार फिर उनका भविष्य अनिश्चित नजर आ रहा है.
गंभीर के सामने बढ़ सकती है चुनौती
गौतम गंभीर के मुख्य कोच बनने के बाद मोर्ने मोर्कल, रयान टेन डोशेट और अभिषेक नायर उनकी पसंद के प्रमुख सहयोगी रहे हैं. हालांकि, बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 के बाद अभिषेक नायर को पद से हटा दिया गया था. ऐसे में यदि टेन डोशेट और मोर्कल भी अलग होते हैं तो गंभीर का सहयोगी दल काफी कमजोर हो सकता है.
क्या बोर्ड गंभीर को देगी फ्री हैंड?
यह देखना दिलचस्प होगा कि बीसीसीआई गंभीर को नए सहयोगी चुनने की पूरी स्वतंत्रता देता है या फिर चयन प्रक्रिया में बोर्ड के अधिकारी अधिक सक्रिय भूमिका निभाते हैं. फिलहाल टीम के हालिया निराशाजनक प्रदर्शन के बाद कोचिंग सेटअप को मजबूत करना बीसीसीआई और टीम प्रबंधन की प्राथमिकता होगी.
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